BREAKING : वामन द्वादशी को स्कूल रहेंगे बंद! बक्सर में 23 सितंबर को विद्यालयों का संचालन रहेगा ठप, एसोसिएशन ने लिया निर्णय ..

प्रशासन के इस अनुरोध के बाद प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने निजी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है. यानी सीएम के आगमन वाले दिन शहर के निजी स्कूलों में अघोषित छुट्टी रहेगी.






                           


 

  • स्कूलों की छुट्टी पर प्रशासन की अपील बनी वजह, सुबह 10 बजे के बाद स्कूली वाहनों को सड़क पर नहीं उतारने का अनुरोध
  • एकादशी से वामन द्वादशी तक बैरिकेडिंग की तैयारी, रथयात्रा और सीएम कार्यक्रम से बढ़ेगी शहर की हलचल

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 23 सितंबर को बक्सर आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री के प्रस्तावित मार्गों के साथ उनसे जुड़ने वाली गलियों में भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है. इसी बीच सदर एसडीएम अविनाश कुमार और एसडीपीओ गौरव पांडेय ने सोमवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 23 सितंबर को सुबह 10 बजे के बाद स्कूली वाहनों का संचालन नहीं करने का अनुरोध किया. प्रशासन के इस अनुरोध के बाद प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने निजी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है. यानी सीएम के आगमन वाले दिन शहर के निजी स्कूलों में अघोषित छुट्टी रहेगी.

सीएम आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई का टाइमटेबल भी बदलेगा

प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्कूलों के संचालन पर पड़े असर को लेकर अभिभावकों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है. लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होना भी चिंता का विषय है. एसोसिएशन के सचिव सरोज कुमार सिंह के अनुसार, स्कूल बंद रखने का निर्णय प्रशासन की ओर से किए गए अनुरोध के बाद लिया गया है.

एकादशी, वामन द्वादशी और रथयात्रा, शहर में एक साथ कई आयोजन

23 सितंबर को वामन द्वादशी के अवसर पर बक्सर में भगवान वामन की रथयात्रा भी प्रस्तावित है. रथयात्रा किला मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली है. ऐसे में एक ओर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, तो दूसरी ओर धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ेगी. मंगलवार को एकादशी और बुधवार को वामन द्वादशी के कारण गंगा स्नान, मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक जाने वाले लोगों की भीड़ बढ़ने की संभावना है. प्रशासन के सामने वीआईपी मूवमेंट, रथयात्रा और आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को एक साथ व्यवस्थित करने की चुनौती होगी.

गलियों तक बैरिकेडिंग, आम आवाजाही पर नजर

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट को देखते हुए मुख्य सड़कों के साथ उससे जुड़ने वाली गलियों को भी बैरिकेडिंग से नियंत्रित किया जा रहा है. प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. दूसरी ओर, स्थानीय लोगों के लिए यह व्यवस्था शहर के रोजमर्रा के आवागमन को प्रभावित कर सकती है. बाजार, मंदिर और आयोजन स्थलों तक पहुंचने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर शहर में सुरक्षा और सफाई अभियान भी तेज किया गया है.

लोगों के मन में सवाल, सड़क मार्ग से ही क्यों?

मुख्यमंत्री के आवागमन को लेकर स्थानीय स्तर पर एक सवाल भी चर्चा में है कि जब हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध है, तो कार्यक्रम की परिस्थितियों के अनुसार अधिक दूरी हवाई मार्ग से तय करने की संभावना पर विचार क्यों नहीं किया गया. लोगों का तर्क है कि यदि सड़क मार्ग से लंबा रूट तय होता है, तो सुरक्षा कारणों से अधिक सड़कों और गलियों को नियंत्रित करना पड़ता है. इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त संसाधन भी लगाने पड़ते हैं.

हालांकि, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए अंतिम रूट और यातायात व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर तय की जाती है. ऐसे में 23 सितंबर को बक्सर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के साथ वामन द्वादशी की रथयात्रा और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच शहर की सड़कों पर प्रशासन की असली परीक्षा भी होगी.
















Post a Comment

0 Comments