जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 14(XI) का प्रयोग करते हुए आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया है.

- नियम 14(XI) के तहत हुई कड़ा प्रहार, भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए हमेशा के लिए घोषित हुए अयोग्य.
- जेल अधीक्षक के माध्यम से भेजा गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक करार, बक्सर केंद्रीय कारा में बंद हैं दोनों आरोपित.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित विद्यालय में छात्रा के साथ दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के संवेदनशील मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर आगमन से ठीक पहले विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों आरोपित शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 14(XI) का प्रयोग करते हुए आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया है.
भविष्य में नहीं पा सकेंगे कोई सरकारी नौकरी
विभागीय आदेश के अनुसार यह बर्खास्तगी राजकीय सेवा में दी जाने वाली सबसे सख्त सजाओं में से एक है. नियम 14(XI) के तहत हुई इस कड़ी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपित अब भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के पात्र नहीं रहेंगे. इसके साथ ही वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे.
जेलर के माध्यम से भेजा गया स्पष्टीकरण हुआ खारिज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई इस दौरान संचालन पदाधिकारी: जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) उपस्थापन पदाधिकारी: जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) बनाया गया था.
जांच प्रक्रिया के तहत बक्सर केंद्रीय कारा में बंद दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था. आरोपितों ने जेल अधीक्षक (जेलर) के माध्यम से अपना लिखित जवाब भेजा था. हालांकि, अधिकारियों ने समीक्षा के उपरांत उनके स्पष्टीकरण को पूरी तरह असंतोषजनक, तथ्यहीन और आधारहीन करार देते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया.
रेलवे स्टेशन से भागने की फिराक में पकड़ा गया था एक आरोपित
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक अरविंद कुमार को उनके घर से गिरफ्तार किया था, जबकि वीरेंद्र प्रसाद को रेलवे स्टेशन से उस समय पकड़ा गया था जब वह भागने की फिराक में था. फिलहाल दोनों आरोपित बक्सर केंद्रीय कारा में बंद हैं और उनके खिलाफ POCSO Act, IT Act एवं BNS की संगीन धाराओं में कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है. मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व हुई इस बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक और शैक्षणिक महकमे में हड़कंप मच गया है.





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