गांवों की पाठशाला में पहुंची वर्षा पांडेय, बच्चों के सपनों से लेकर शिक्षिकाओं की मुश्किलों तक सुनी बात ..

शिक्षिकाओं के सम्मान ने उनका उत्साह बढ़ाया. करीब 180 एकल विद्यालयों की संरक्षिका वर्षा पांडेय ने दो दिवसीय ग्रामीण भ्रमण में विद्यालयों, बच्चों, शिक्षिकाओं और ग्रामीण परिवारों से सीधे जुड़कर शिक्षा की जमीनी तस्वीर समझने की कोशिश की.






                           



  • दो दिवसीय दौरे में एकल विद्यालयों की हकीकत देखी, बच्चों को कॉपी-पेंसिल देकर पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
  • महुआरी से जलीलपुर तक शिक्षिकाओं का सम्मान, अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा और नियमित उपस्थिति पर हुई बात

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गांव की गलियों से गुजरते हुए जब वर्षा पांडेय एकल विद्यालयों में पहुंचीं, तो वहां सिर्फ पढ़ाई की स्थिति जानने तक बात नहीं रुकी. कहीं बच्चों से उनके सपनों के बारे में पूछा गया, तो कहीं शिक्षिकाओं ने विद्यालय संचालन की मुश्किलें साझा कीं. कॉपी-पेंसिल पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आई, वहीं शिक्षिकाओं के सम्मान ने उनका उत्साह बढ़ाया. करीब 180 एकल विद्यालयों की संरक्षिका वर्षा पांडेय ने दो दिवसीय ग्रामीण भ्रमण में विद्यालयों, बच्चों, शिक्षिकाओं और ग्रामीण परिवारों से सीधे जुड़कर शिक्षा की जमीनी तस्वीर समझने की कोशिश की.

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित एकल विद्यालयों के भ्रमण के दौरान वर्षा पांडेय ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों को लेकर बातचीत की. उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल, रबर, इरेज़र सहित जरूरी पठन-पाठन सामग्री भी वितरित की गई.

शिक्षिकाओं की बात सुनी, बढ़ाया हौसला

एकल विद्यालयों को गांव के स्तर पर संचालित करने में शिक्षिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए वर्षा पांडेय ने उनके साथ सीधा संवाद किया. विद्यालय संचालन, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य और स्थानीय स्तर पर आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली. उन्होंने शिक्षिकाओं की समस्याएं सुनकर आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया.

इस दौरान महुआरी की एकल विद्यालय शिक्षिका निशा, लक्ष्मीपुर कृतपुरा की किरण, नवागांव की पिंकी, सरेंजा पंचायत के यदुपुरवा स्थित विद्यालय की संजू यादव, रामपुर पंचायत के रामपुर स्थित विद्यालय की पूनम और जलीलपुर की निशा को सम्मानित किया गया. सम्मान मिलने पर शिक्षिकाओं का उत्साह बढ़ा और उन्होंने विद्यालयों से जुड़ी गतिविधियों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही.

बच्चों की पढ़ाई में घर का माहौल भी जरूरी

वर्षा पांडेय ने अभिभावकों और ग्रामीणों से भी बातचीत की. उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ घर पर पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल बनाने, बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने और बच्चों के भविष्य में परिवार की भूमिका पर चर्चा की. ग्रामीण महिलाओं से बातचीत के दौरान बच्चों की पढ़ाई में माताओं की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया.


इस अवसर पर एकल विद्यालय चौसा संच के अध्यक्ष संजय राय और चौसा संच प्रमुख नरेंद्र सिंह मौजूद रहे.

वर्षा पांडेय ने कहा, "एकल विद्यालय केवल बच्चों को पढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में शिक्षा और जागरूकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास हैं. बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षिका, अभिभावक और समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है." उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ शिक्षिकाओं का मनोबल बढ़ाना, अभिभावकों को जागरूक करना और ग्रामीण समुदाय को शिक्षा से जोड़ना भी जरूरी है.
















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