10 परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक कराने के लिए मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड के वेंडरों के साथ अपने हस्ताक्षर से एकरारनामा किया था. इसके बाद उसने इन परीक्षा केंद्रों पर अपने लोगों को बायोमेट्रिक सुपरवाइजर और ऑपरेटर के तौर पर तैनात कराया.

- पटना के 10 परीक्षा केंद्रों पर अपने लोगों को बायोमेट्रिक सुपरवाइजर-ऑपरेटर बनाया, प्रश्नपत्र से लेकर उत्तर कुंजी तक का नेटवर्क सामने आया
- 70 फीट रोड के ऑनलाइन सेंटर में सॉल्वर कर रहे थे सवाल, सतीश की गिरफ्तारी से ई ओ यू को मिले कई अहम सुराग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी यानी एईडीओ परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई कथित धांधली की जांच में बक्सर कनेक्शन सामने आया है. आर्थिक अपराध इकाई यानी ई ओ यू के विशेष दल ने परीक्षा धांधली के प्रमुख आरोपियों में शामिल बक्सर निवासी सतीश कुमार यादव को 22 सितंबर को पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में शिवपुरी पार्क के पास से गिरफ्तार किया. सतीश मूल रूप से बक्सर के तिलक राय का हाता थाना क्षेत्र के नियाजीपुर, टेकमन का डेरा का रहने वाला है. मामले में नाम सामने आने के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले नेपाल और फिर असम भाग गया था.
10 केंद्रों पर अपने लोगों की तैनाती
ई ओ यू की जांच के अनुसार, सतीश यादव ने पटना जिले के करीब 10 परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक कराने के लिए मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड के वेंडरों के साथ अपने हस्ताक्षर से एकरारनामा किया था. इसके बाद उसने इन परीक्षा केंद्रों पर अपने लोगों को बायोमेट्रिक सुपरवाइजर और ऑपरेटर के तौर पर तैनात कराया. जांच एजेंसी का आरोप है कि इसी नेटवर्क का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र हासिल करने में किया गया.
ई ओ यू के मुताबिक, चिन्हित परीक्षा केंद्रों में परीक्षा कार्य से जुड़े कर्मियों के माध्यम से प्रश्नपत्र प्राप्त किए गए. इसके बाद सतीश ने अपने सहयोगी सरोज महतो और सरफराज आलम के साथ मिलकर सॉल्वरों की मदद से उत्तर कुंजी तैयार कराई. आरोप है कि तैयार उत्तर कुंजी पहले से तय किए गए अभ्यर्थियों तक अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाई गई.
70 फीट रोड के सेंटर में खुला बड़ा राज
सतीश की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद जांच का एक महत्वपूर्ण सिरा पटना के बेउर स्थित 70 फीट रोड तक पहुंचा है. ई ओ यू के अनुसार, एईडीओ परीक्षा के ज्यादातर प्रश्नों को आरकेआर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नामक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में सॉल्वरों की मदद से हल कराया गया और उत्तर कुंजी तैयार की गई. जांच एजेंसी के मुताबिक, इस ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का संचालन सरफराज आलम और रमेश कुमार संयुक्त रूप से करते थे.
पहले भी परीक्षा लीक मामले में जा चुका है जेल
ई ओ यू की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सतीश कुमार यादव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है. उत्तर प्रदेश के इटावा थाना क्षेत्र में सिपाही भर्ती परीक्षा लीक मामले में वर्ष 2023 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वह लंबे समय तक जेल में रहा था. अब एईडीओ परीक्षा धांधली मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद ई ओ यू को सॉल्वर गैंग से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात कही गई है.
जांच एजेंसी इन साक्ष्यों का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई कर रही है. वर्तमान में सतीश यादव की गिरफ्तारी मुंगेर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 177/26 में की गई है. एईडीओ परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों में उसे आगे रिमांड पर लिए जाने की बात ई ओ यू ने कही है. परीक्षा धांधली से जुड़े सभी कांड फिलहाल अनुसंधान के अधीन हैं.





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