इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ. पूरे दिन भगवान वामन के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही. श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार और समाज के सुख-समृद्धि की मंगल कामना की.
- रामरेखा घाट से वामन धाम तक दिखा आस्था का अद्भुत नजारा, रास्तेभर श्रद्धालुओं ने उतारी आरती
- संतों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक हुए शामिल, वामन पंचकोसी कॉरिडोर और बक्सर धाम को पर्यटन स्थल बनाने की उठी मांग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर की सड़कों पर बुधवार को आस्था का ऐसा नजारा दिखा, जहां भगवान वामन के रथ की एक रस्सी थामने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई. कोई रथ खींचने में जुटा था तो कोई फूलों की बारिश कर रहा था. जगह-जगह आरती के बीच शंखध्वनि और ‘जय वामन भगवान’ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय नजर आया. वामन द्वादशी के अवसर पर भगवान वामन चेतना मंच की ओर से निकाली गई भव्य रथयात्रा में बिहार के विभिन्न जिलों के साथ उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
रामरेखा घाट स्थित श्रीरामेश्वर नाथ मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजन-अर्चना के बाद रथयात्रा शुरू हुई. सजे-धजे रथ पर भगवान वामन की प्रतिमा विराजमान थी. रथ जैसे ही शहर की सड़कों पर आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं का कारवां भी बढ़ता गया. पीपी रोड, यमुना चौक, मुनीम चौक, नगर थाना, किला मैदान और जेल रोड होते हुए रथ सोमेश्वर स्थान स्थित वामन धाम पहुंचा.
जहां से गुजरा रथ, वहीं उमड़ पड़ी भीड़
रथयात्रा के रास्ते में जगह-जगह लोगों ने भगवान वामन के रथ का स्वागत किया. श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर आरती उतारी और भगवान के दर्शन किए. सड़क के दोनों ओर लोगों की कतार लगी रही. रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखा. गाजे-बाजे के साथ आगे बढ़ती यात्रा में लगातार भगवान वामन के जयकारे गूंजते रहे.
वामन धाम में आरती के बाद महाप्रसाद
सोमेश्वर स्थान स्थित वामन धाम पहुंचने पर भगवान वामन की विधिवत आरती की गई. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ. पूरे दिन भगवान वामन के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही. श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार और समाज के सुख-समृद्धि की मंगल कामना की.
‘छोटे संकल्प’ से बड़े कारवां तक का सफर पुस्तक में दर्ज
महोत्सव के दौरान ‘भगवान वामन चेतना मंच : एक छोटे से संकल्प से विशाल कारवां तक’ पुस्तक का विमोचन किया गया. कार्यक्रम में शामिल अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी ने भगवान वामन पंचकोसी कॉरिडोर के निर्माण और बक्सर धाम को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग रखी. कार्यक्रम का संचालन प्रमोद चौबे ने किया.
संतों ने बताया वामन अवतार का महत्व
कार्यक्रम में संतों ने वामन अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी. भगवान ने दो पग में पूरी सृष्टि को नाप लिया और तीसरे पग के लिए राजा बलि ने स्वयं को समर्पित कर दिया. संतों ने बक्सर को सिद्धाश्रम और वामनाश्रम की परंपरा से जुड़ी भूमि बताते हुए कहा कि वामन द्वादशी पर गंगा और ठोरा नदी के संगम पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं.
रथयात्रा में बसाव पीठाधीश्वर अच्युत प्रपन्नाचार्य जी महाराज, महंत राजाराम शरण दास जी महाराज, मधुसूदनाचार्य जी महाराज, श्याम सुंदर दास जी महाराज, पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे, सांसद सुधाकर सिंह, विधायक आनंद मिश्र, राहुल सिंह, संतोष कुमार निराला, पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, वर्षा पांडेय सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए.






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