ग्रामीणों की ओर से शिक्षा विभाग को दिए गए आवेदन में दोनों शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे. शिकायत में छात्राओं के साथ छेड़खानी करने, आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा ऑडियो के जरिए धमकी देने की बात कही गई.
- कृष्णाब्रह्म के अरियांव पंचायत स्थित नथुनी अहीर का डेरा मध्य विद्यालय का मामला, शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने दिखाई सख्ती
- बीपीएससी से TRE-2 में चयनित अरविंद कुमार पर गंभीर आरोप, दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद पर वीडियो बनाने-वायरल करने का आरोप
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव पंचायत स्थित नथुनी अहीर का डेरा मध्य विद्यालय से सामने आए एक बेहद गंभीर मामले ने शिक्षा विभाग से लेकर पूरे इलाके तक हलचल मचा दी है. विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग छात्रा को होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो भी वायरल कर दिया. वहीं, दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद पर भी आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया गया है. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
शिक्षक पर गंभीर आरोप, शिकायत से मचा हड़कंप
मामले में ग्रामीणों की ओर से शिक्षा विभाग को दिए गए आवेदन में दोनों शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे. शिकायत में छात्राओं के साथ छेड़खानी करने, आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा ऑडियो के जरिए धमकी देने की बात कही गई.
सबसे गंभीर आरोप शिक्षक अरविंद कुमार पर लगाया गया है. शिकायत के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर एक नाबालिग छात्रा को होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो वायरल किया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया.
2024 में BPSC से TRE-2 के जरिए हुई थी नियुक्ति
आरोपों के घेरे में आए शिक्षक अरविंद कुमार की नियुक्ति वर्ष 2024 में TRE-2 के तहत बीपीएससी के माध्यम से चयनित शिक्षक के रूप में हुई थी. नई नियुक्ति के बाद वे नथुनी अहीर का डेरा मध्य विद्यालय में पदस्थापित थे.
अब गंभीर आरोप सामने आने के बाद उनकी नौकरी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है. हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय और कानूनी जांच के बाद ही होगी.
दूसरे शिक्षक पर भी वीडियो वायरल करने का आरोप
मामले में विद्यालय के दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद का नाम भी सामने आया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने भी मामले से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो बनाए और उन्हें वायरल किया. शिकायत में धमकी देने से संबंधित ऑडियो का भी उल्लेख किया गया है.
शिक्षा विभाग के आदेश में इन आरोपों को सरकारी सेवक के पद एवं आचरण के प्रतिकूल बताया गया है.
31 अगस्त की रिपोर्ट के बाद 2 सितंबर को कार्रवाई
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमराँव की ओर से 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी. इसमें ग्रामीणों की शिकायत और दोनों शिक्षकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी.
रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर दोनों शिक्षकों को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
राजपुर और चक्की भेजे गए दोनों शिक्षक
निलंबन के बाद वीरेंद्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केन्द्र, राजपुर निर्धारित किया गया है. वहीं अरविंद कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केन्द्र, चक्की बनाया गया है.
दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू होगी. विभाग की ओर से आरोप पत्र गठित करने के साथ ही संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग से की जाएगी.
अब जांच पर टिकी नजर
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ी नजर विभागीय जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई पर है. शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में आरोपों को प्रथम दृष्ट्या गंभीर माना गया है. हालांकि, आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
नाबालिग छात्रा से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.






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