मामला वित्तीय लेनदेन और कथित रूप से कर्मचारियों के मनचाहे स्थान पर तबादला कराने के नाम पर घूस लिए जाने से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने डाक निरीक्षक मनीष कुमार को कथित घूस की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा.
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| मनीष कुमार (बाएं) तथा पूछताछ के लिए ले जाई जा रही कुमारी सरिता (दाहिने) |

- तबादला कराने के नाम पर घूस लेने के आरोप में कार्रवाई की चर्चा, मनीष कुमार को रकम के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने की बात
- मनीष की निशानदेही पर डाक अधीक्षक सरिता कुमारी तक पहुंचने का दावा, देर रात दोनों को अपने साथ लेकर रवाना हुई सीबीआई
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : डाक मंडल में मंगलवार को शुरू हुई सीबीआई की कार्रवाई देर रात तक चली. पूछताछ और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम बक्सर की डाक अधीक्षक सरिता कुमारी तथा रघुनाथपुर क्षेत्र से जुड़े डाक निरीक्षक मनीष कुमार को अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई. इस कार्रवाई से पूरे डाक विभाग में हड़कंप मचा रहा.
सूत्रों के अनुसार, मामला वित्तीय लेनदेन और कथित रूप से कर्मचारियों के मनचाहे स्थान पर तबादला कराने के नाम पर घूस लिए जाने से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने डाक निरीक्षक मनीष कुमार को कथित घूस की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा. हालांकि, इस संबंध में सीबीआई की ओर से देर रात तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था.
रकम के साथ पकड़े जाने के बाद डाक अधीक्षक तक पहुंची जांच
सूत्रों की मानें तो मनीष कुमार से पूछताछ के दौरान डाक अधीक्षक सरिता कुमारी का नाम सामने आया. बताया जा रहा है कि मनीष कुमार ने जांच अधिकारियों को कहा कि कथित रूप से हो रही गतिविधियां डाक अधीक्षक के निर्देश अथवा इशारे पर हो रही थीं. इसके बाद सीबीआई की टीम ने डाक अधीक्षक सरिता कुमारी को पूछताछ के लिए अपनी अभिरक्षा में लिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी.
हालांकि, इन आरोपों और मनीष कुमार द्वारा दिए गए कथित बयान की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. जांच एजेंसी की ओर से पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाना अभी बाकी है.
पूरे दिन मंगाई जाती रहीं कार्यालय की फाइलें
डाक अधीक्षक को अभिरक्षा में लेने के बाद सीबीआई की टीम ने पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की. सूत्रों के मुताबिक, दिनभर कार्यालय से अलग-अलग फाइलें और अभिलेख मंगाए जाते रहे तथा जांच अधिकारी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल करते रहे.
मामले से संबंधित फाइलें लेकर सहायक डाक अधीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार को भी बुलाया गया था. उन्होंने ही मीडिया के सामने इस बात की जानकारी दी थी कि डाक अधीक्षक को सीबीआई ने पूछताछ के लिए अपनी अभिरक्षा में लिया है.
पुष्पेन्द्र समेत अन्य कर्मियों से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान सहायक डाक अधीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार के अलावा कुछ अन्य कर्मियों को भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया. उनसे मामले और संबंधित दस्तावेजों को लेकर जानकारी ली गई. पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जाने दिया गया.
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम ने पूरे दिन डाक विभाग से जुड़े कई पहलुओं की जांच की और विभिन्न अभिलेखों का मिलान किया. इसी कारण कार्यालय में कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा.
तीन अन्य संदिग्धों पर भी सीबीआई की नजर
सूत्रों की मानें तो इस मामले में डाक विभाग से जुड़े तीन अन्य संदिग्ध कर्मियों पर भी सीबीआई की नजर है. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी उनके बारे में भी जानकारी जुटा रही है. हालांकि, इन तीनों की पहचान और उनके खिलाफ जांच के आधार को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल ये संदिग्ध सीबीआई की पकड़ से बाहर हैं. ऐसे में जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
देर रात दोनों को लेकर रवाना हुई टीम
दिनभर चली पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद देर रात सीबीआई की टीम डाक अधीक्षक सरिता कुमारी और डाक निरीक्षक मनीष कुमार को अपने साथ लेकर रवाना हो गई. दोनों को कहां ले जाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होगी, इसे लेकर देर रात तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी थी.
फिलहाल, बक्सर डाक मंडल में सीबीआई की इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजरें जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किन साक्ष्यों के आधार पर की गई और मामले में आगे कौन-कौन लोग जांच के दायरे में आते हैं.





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