मुश्किल वक्त में बक्सर से मदद और इंसानियत की पहल सामने आई है. साबित खिदमत फाउंडेशन, चीनीमिल, बक्सर, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, बिहार और रोटरी बक्सर ने संयुक्त रूप से नेपाल फ्लड रिलीफ फंड में सहयोग देकर बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद का प्रयास किया है.
- नेपाल फ्लड रिलीफ फंड में दिया सहयोग, बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी पहुंचाई मदद
- डॉ. सैयद दिलशाद आलम कादरी बोले - मुश्किल वक्त में इंसानियत की सरहद नहीं होती
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है. कई परिवारों के सामने भोजन, पानी, दवा और सुरक्षित ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है. ऐसे मुश्किल वक्त में बक्सर से मदद और इंसानियत की पहल सामने आई है. साबित खिदमत फाउंडेशन, चीनीमिल, बक्सर, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, बिहार और रोटरी बक्सर ने संयुक्त रूप से नेपाल फ्लड रिलीफ फंड में सहयोग देकर बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद का प्रयास किया है.
तीनों संस्थाओं के सदस्यों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग राशि एकत्रित कर राहत कार्यों में योगदान दिया. संस्था के सदस्यों का कहना है कि नेपाल के साथ बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रभावित परिवारों को इस समय भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, कपड़ों और सुरक्षित आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतों की दरकार है.
संकट की घड़ी में सीमा नहीं, इंसानियत देखी जाती है
साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, बिहार के प्रदेश महासचिव एवं रोटरी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सैयद दिलशाद आलम कादरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी सीमा या समुदाय को देखकर नहीं आती. ऐसे समय में पीड़ितों के साथ खड़ा होना हर संवेदनशील व्यक्ति का मानवीय दायित्व है.
उन्होंने कहा कि नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए दिया गया सहयोग भले ही छोटा प्रयास हो, लेकिन संकट में फंसे परिवारों के लिए यही छोटी मदद बड़ी राहत बन सकती है. उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी राहत कार्यों में आगे बढ़कर सहयोग करने की अपील की.
बक्सर से उठी मदद की आवाज, सामूहिक सहयोग की अपील
डॉ. कादरी ने सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ आम नागरिकों से भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही प्रभावित परिवारों को इस कठिन दौर से बाहर निकालने और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटाने में मदद मिल सकेगी.
तीनों संस्थाओं ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और उनके शीघ्र पुनर्वास, सुरक्षा तथा बेहतर स्वास्थ्य की कामना की. इस पहल के जरिए बक्सर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मुसीबत चाहे सीमा के इस पार हो या उस पार, मदद के लिए उठे हाथ इंसानियत की पहचान होते हैं.







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