लगातार बारिश ने अधूरे नाला निर्माण की समस्या को और गंभीर कर दिया है. सड़क पर पानी और मिट्टी फैलने से आवागमन प्रभावित है, जबकि आसपास रहने वाले लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है.
- वुड स्टॉक मोड़ से सेंट्रल जेल तक अधूरा नाला बना आफत, राघव पाण्डेय ने पर्व से पहले ही डीएम को दिया था आवेदन
- वामन द्वादशी के दिन बारिश नहीं होने से टली परेशानी, अब लगातार बारिश से स्थानीय लोगों का जीवन हुआ दूभर
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : वुड स्टॉक मोड़ से सेंट्रल जेल परिसर तक अधूरे पड़े नाला निर्माण को लेकर राघव पाण्डेय ने वामन द्वादशी से पहले ही जिलाधिकारी को आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की थी, लेकिन पर्व बीत जाने के बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है. वामन द्वादशी के दिन बारिश नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं और राहगीरों को अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई, लेकिन उसी शाम से शुरू हुई लगातार बारिश ने अधूरे नाला निर्माण की समस्या को और गंभीर कर दिया है. सड़क पर पानी और मिट्टी फैलने से आवागमन प्रभावित है, जबकि आसपास रहने वाले लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है.
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| राघव पाण्डेय |
पर्व से पहले दिया आवेदन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
राघव पाण्डेय ने कहा कि उन्होंने वामन द्वादशी से पहले ही जिलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी. उनकी मांग थी कि धार्मिक आयोजन से पहले नाला निर्माण पूरा कराया जाए और जलनिकासी की तत्काल व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि संयोग से वामन द्वादशी के दिन बारिश नहीं हुई, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी परेशानी नहीं हुई, लेकिन अब लगातार बारिश ने समस्या को गंभीर बना दिया है.
उन्होंने कहा कि "जिस समस्या को लेकर पहले ही प्रशासन को अवगत कराया गया था, उस पर समय रहते कार्रवाई होती तो आज स्थानीय लोगों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता. अब बारिश लगातार हो रही है और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है. प्रशासन को तत्काल स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए."
बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, घर से निकलना भी चुनौती
पंकज उपाध्याय ने कहा कि वामन द्वादशी से पहले ही प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया गया था. पर्व के दौरान बारिश नहीं होने से बड़ी समस्या सामने नहीं आई, लेकिन अब लगातार बारिश ने वास्तविक स्थिति सामने ला दी है. प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.
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| लव चौधरी |
लव चौधरी ने कहा कि सड़क पर पानी और मिट्टी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है. नाला निर्माण पूरा होने तक कम से कम जलनिकासी और सड़क की सफाई की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए.
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| अजय पांडेय |
अजय पाण्डेय ने कहा कि समस्या सिर्फ जलजमाव तक सीमित नहीं है. लंबे समय से अधूरे पड़े निर्माण की गुणवत्ता की भी तकनीकी जांच होनी चाहिए. यदि नाला सही तरीके से और निर्धारित मानकों के अनुसार बनाया गया होता तो जलनिकासी की समस्या से लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती.
निर्माण पूरा कराने के साथ गुणवत्ता जांच की मांग
राघव पाण्डेय ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में नाला निर्माण शीघ्र पूरा कराने, मार्ग की तत्काल सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की थी. साथ ही अब तक हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की तकनीकी जांच कराने का आग्रह किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि वामन द्वादशी बीत चुकी है, लेकिन समस्या अब भी जस की तस है. लगातार बारिश के बीच प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ही स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है.






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