विद्यार्थियों को Accountancy की Practical Relevance समझाने के लिए Bank Reconciliation Statement और Cash Book जैसे विषयों के उदाहरण दिए गए.
- कॉमर्स की पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखने पर जोर, बीआरएस और कैश बुक के जरिए समझाई अकाउंटेंसी की व्यावहारिक दुनिया
- एआई के दौर में बदलेगा काम करने का तरीका, लेकिन प्रोफेशनल जजमेंट और विश्लेषणात्मक सोच की नहीं होगी जगह खत्म
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : कॉमर्स की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सही करियर विकल्प चुनना अब पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है. इसी को ध्यान में रखते हुए Foundation School, Buxar में Career Guidance एवं Commerce Awareness Programme का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कॉमर्स, अकाउंटेंसी, सीए फाउंडेशन, व्यवसाय, उद्यमिता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बदलते दौर में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने रुचि, उद्देश्य और भविष्य के लक्ष्य को पहचानकर अभी से करियर की तैयारी शुरू करने की सलाह दी.
कार्यक्रम में विद्यालय के Director प्रदीप कुमार मिश्रा, Principal मनोज कुमार त्रिगुण, अनुभवी Chartered Accountant पवन कुमार, ITI College के Director संतोष पाठक तथा Excellence Head S. K. Dubey मौजूद रहे. PGT Commerce Teachers शिवम आदित्य, शैलेन्द्र कुमार ओझा एवं अमित गुप्ता ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की.
सीए बनना है तो तैयारी आज से
कार्यक्रम में CA Foundation की Early Preparation को लेकर विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि केवल परीक्षा पास करने की तैयारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषयों की Conceptual Clarity, Self-Study और Problem-Solving Skills मजबूत करना जरूरी है. विद्यार्थियों को समझाया गया कि करियर की दिशा तय करने में रुचि के साथ उद्देश्य और लक्ष्य की स्पष्टता भी अहम भूमिका निभाती है.
किताबी अकाउंटेंसी नहीं, असली कारोबार से जोड़े उदाहरण
विद्यार्थियों को Accountancy की Practical Relevance समझाने के लिए Bank Reconciliation Statement और Cash Book जैसे विषयों के उदाहरण दिए गए. बताया गया कि ये केवल परीक्षा में पूछे जाने वाले अध्याय नहीं हैं, बल्कि वास्तविक Business और Financial Environment में इनका महत्वपूर्ण उपयोग होता है. इससे विद्यार्थियों को कॉमर्स की पढ़ाई को व्यावहारिक जीवन और व्यवसाय की दुनिया से जोड़कर देखने का अवसर मिला.
एआई से डरने के बजाय उसे समझने की सलाह
कार्यक्रम में Artificial Intelligence के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई. विद्यार्थियों को बताया गया कि AI को एक helping tool के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि मानव क्षमता के replacement के रूप में. विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में Professional Judgment, Analytical Thinking, Decision-Making, Communication और Managerial Skills जैसी क्षमताओं की अहमियत बनी रहेगी.
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को Purpose-driven Learning, नियमित Self-Study, Skill Development और Early Career Planning के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सामने Chartered Accountant, Business और Entrepreneurship समेत विभिन्न करियर विकल्पों की तस्वीर स्पष्ट करने के साथ उन्हें सोच-समझकर अपने भविष्य का निर्णय लेने का मंच प्रदान किया.






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