कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए मंदिर की तरह है. लेकिन यदि कहीं गड़बड़ी दिखाई देती है तो जमीर की आवाज पर बोलना जरूरी हो जाता है.

- भाजपा विधायक बोले - पार्टी मेरे लिए मंदिर है, लेकिन गड़बड़ी दिखे तो जमीर की आवाज पर बोलना जरूरी
- चुनावी खर्च और कम मतदान पर भोजपुरी अंदाज में तंज, बक्सर को भगवान राम की शिक्षा-स्थली बताते हुए विकास पर दिया जोर
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : राजनीति में अपनी बात रखने की कीमत क्या हो सकती है, इसे लौरिया से भाजपा विधायक विनय बिहारी ने अपने ही अंदाज में बयां किया है. एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, “कम बोलिए तो वोट कटता है, ज्यादा बोलिए तो टिकट कटता है और बहुत ज्यादा बोलिए तो गर्दन कटती है.” विधायक के इस चुटीले बयान में राजनीति में बोलने और चुप रहने, दोनों के जोखिम का अंदाज साफ दिखाई दिया.
विनय बिहारी ने भाजपा को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए मंदिर की तरह है. लेकिन यदि कहीं गड़बड़ी दिखाई देती है तो जमीर की आवाज पर बोलना जरूरी हो जाता है. इसी क्रम में उन्होंने चुनाव के दौरान होने वाले खर्च को लेकर भी भोजपुरी अंदाज में तंज कसा और इसे पार्टी के फंड तथा विकास से जोड़कर अपनी बात रखी.
चुनाव में पैसा और विकास का कनेक्शन समझाया
विधायक ने चुनावी खर्च को लेकर कहा कि चुनाव के समय अत्यधिक धन खर्च होने का असर पार्टी के फंड पर पड़ता है. उनके बयान का आशय यह था कि चुनाव में संसाधनों का बड़ा हिस्सा खर्च होने के बाद विकास से जुड़े कामों के लिए उपलब्ध संसाधनों पर भी इसका असर पड़ सकता है. इस बात को उन्होंने अपने खास भोजपुरी अंदाज में सामने रखा.
बांकीपुर के 34 प्रतिशत मतदान का भी जिक्र
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कम मतदान का मुद्दा उठाते हुए विनय बिहारी ने कहा कि जब चुनाव में विधायक और मंत्री तक सक्रिय रहें और इसके बावजूद करीब 34 प्रतिशत मतदान हो, तो इस पर सोचने की जरूरत है. उन्होंने इसे पार्टी के साथ-साथ देश के लिए भी विचार का विषय बताया.
“बक्सर भगवान राम की शिक्षा-स्थली है”
बातचीत में बक्सर का जिक्र करते हुए विनय बिहारी ने इसे भगवान राम की शिक्षा-स्थली बताया. उन्होंने सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बक्सर के विकास पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया. यानी लौरिया की राजनीति पर बात करते-करते विधायक ने बक्सर के विकास का मुद्दा भी सामने रख दिया.
बयान का अंदाज भी रहा चर्चा में
विनय बिहारी की बातों में सबसे ज्यादा चर्चा उनके कहने के अंदाज की रही. उन्होंने गंभीर राजनीतिक सवालों को सीधे राजनीतिक शब्दों में रखने के बजाय भोजपुरी रंग में अपनी बात कही. खासकर “वोट कटता है, टिकट कटता है और गर्दन कटती है” वाला उनका संवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा खींच रहा है.





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