मरीज को पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में स्थानांतरित किए जाने के बाद उसके vital signs में तेजी से गिरावट शुरू हुई. चिकित्सकीय आकलन के अनुसार इस स्थिति के संभावित कारणों में फैट एम्बोलिज्म की संभावना पर विचार किया गया.
- आपात बैठक में चिकित्सकों ने कहा: पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में मरीज के vital signs तेजी से गिरे, बचाने के लिए किए गए सभी जरूरी प्रयास.
- अस्पताल में तोड़फोड़ और मारपीट की निंदा: IMA ने की तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा, जांच और वैधानिक प्रक्रिया से शिकायत के समाधान की अपील.
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नेहा नर्सिंग होम में 27 सितंबर की शाम शिक्षक हरि ओम की मौत के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बक्सर ने सोमवार को आपात बैठक कर उपलब्ध जानकारी पर चर्चा की. बैठक में मौजूद चिकित्सक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज को पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में स्थानांतरित किए जाने के बाद उसके vital signs में तेजी से गिरावट शुरू हुई. चिकित्सकीय आकलन के अनुसार इस स्थिति के संभावित कारणों में फैट एम्बोलिज्म की संभावना पर विचार किया गया. आईएमए के अनुसार मरीज को बचाने के लिए चिकित्सकीय टीम ने आवश्यक प्रयास किए, लेकिन उसे पुनर्जीवित नहीं किया जा सका.
आईएमए ने कहा- चिकित्सा में अप्रत्याशित स्थिति संभव
आईएमए बक्सर ने अपने बयान में कहा कि प्रत्येक चिकित्सक का प्राथमिक उद्देश्य मरीज को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराकर स्वस्थ करना होता है. चिकित्सा के दौरान कई बार प्रतिकूल अथवा अप्रत्याशित परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय टीम उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार मरीज को बचाने का प्रयास करती है.
तोड़फोड़ और मारपीट की घटना पर जताई आपत्ति
आईएमए ने घटना के बाद अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना को निंदनीय बताया. संगठन का कहना है कि किसी भी चिकित्सकीय घटना या शिकायत के समाधान के लिए उचित जांच और वैधानिक प्रक्रिया का सहारा लिया जाना चाहिए. आईएमए ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत मरीज के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही.





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