सुबह की सैर बनी आखिरी सफर, सड़क पर गिरे बिजली तार ने ले ली किसान की जान ..

सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच घर से टहलने के लिए निकले थे. इसी दौरान सिंडिकेट स्थित मुख्य सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए. तार में करंट प्रवाहित होने के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला.





                             


  • सिंडिकेट में करंट की चपेट में आए 60 वर्षीय फुलेश्वर यादव, मौत के बाद सड़क पर उतरे लोग
  • शव रखकर सड़क जाम, मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग से गरमाया माहौल

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर थाना क्षेत्र के सिंडिकेट इलाके में बुधवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. रोज की तरह सुबह टहलने निकले 60 वर्षीय किसान फुलेश्वर यादव के लिए यह उनकी आखिरी सैर साबित हुई. मुख्य सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से करंट लग गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान बुधनपुरवा मोहल्ला, वार्ड संख्या 34 निवासी फुलेश्वर यादव के रूप में हुई है.

टहलने निकले थे, रास्ते में मौत इंतजार कर रही थी

बताया जा रहा है कि फुलेश्वर यादव बुधवार की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच घर से टहलने के लिए निकले थे. इसी दौरान सिंडिकेट स्थित मुख्य सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए. तार में करंट प्रवाहित होने के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी दर्दनाक मौत हो गई.

मौत की खबर मिलते ही सड़क पर उतरा आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए. हादसे से आक्रोशित लोगों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर मार्ग जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी.

जाम में फंसे वाहन, घंटों प्रभावित रहा आवागमन

सड़क जाम होते ही मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. पुलिस ने लोगों से जाम समाप्त करने की अपील की.

जर्जर तारों को लेकर लोगों में नाराजगी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर बिजली तारों के कारण इलाके में हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क पर गिरे तार को हटाया जाता या बिजली आपूर्ति बंद की जाती तो शायद फुलेश्वर यादव की जान बच सकती थी.

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में जर्जर और खुले बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है. हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है.













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