वीडियो : एक यूनिट खून, किसी की जिंदगी की नई सुबह : बक्सर में युवाओं के नाम रेडक्रॉस की भावुक अपील ..

कहा कि बक्सर के युवाओं ने जरूरत के समय हमेशा मानवता का परिचय दिया है. कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में छात्र संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगातार रक्तदान शिविर लगाए जाते रहे हैं. इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक ने राज्य स्तरीय रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है.





                           


  • 27वें स्थान से 7वें पायदान पर पहुंचा ब्लड बैंक, युवाओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग को बताया बड़ी ताकत
  • गर्मी में एसी समेत तकनीकी दिक्कतें दूर, OTP और ई-कार्ड से सुरक्षित हुई रक्त आवंटन की व्यवस्था

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : किसी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज और उसके परिजनों के लिए खून की एक-एक बूंद कीमती होती है. ऐसे वक्त में किसी अनजान व्यक्ति का दिया एक यूनिट रक्त किसी परिवार के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बन जाता है. बक्सर में रक्तदान की इसी मुहिम को मजबूत करने के लिए इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से आगे बढ़कर रक्तदान करने की अपील की है.

डॉ. तिवारी ने कहा कि बक्सर के युवाओं ने जरूरत के समय हमेशा मानवता का परिचय दिया है. कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में छात्र संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगातार रक्तदान शिविर लगाए जाते रहे हैं. इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक ने राज्य स्तरीय रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है.

27 से सीधे 7वें स्थान तक पहुंचा बक्सर

डॉ. तिवारी के अनुसार युवाओं और रक्तदाताओं के निरंतर सहयोग से बक्सर का ब्लड बैंक राज्य की रैंकिंग में 27वें स्थान से आगे बढ़कर 7वें स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने इसके लिए जिले के रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों और अस्पताल प्रबंधन के सहयोग के प्रति आभार जताया.

उन्होंने कहा कि बक्सर के कई ऐसे नियमित रक्तदाता हैं, जो साल में चार बार तक रक्तदान करते हैं. ऐसे रक्तदाताओं को जिला और राज्य स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है.

एक यूनिट रक्त से बच सकती है किसी अपने की जिंदगी

डॉ. तिवारी ने रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा रक्तदान करने से शरीर में स्थायी कमजोरी नहीं आती. पात्र और स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय मानकों के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकते हैं.

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल अस्पताल की व्यवस्था नहीं, बल्कि पूरे बक्सर समाज की साझा जरूरत है. आज दिया गया रक्त किसी ऐसे व्यक्ति की जिंदगी बचा सकता है, जिसे दानदाता शायद जानता तक नहीं हो. लेकिन कल वही रक्त किसी दानदाता के परिवार या किसी अपने के लिए भी जरूरत बन सकता है.

एसी खराब होने से लेकर दूसरी दिक्कतों तक, अब व्यवस्था में सुधार

ब्लड बैंक में गर्मी के दौरान एसी खराब होने समेत कुछ तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आई थीं. डॉ. तिवारी ने बताया कि रेडक्रॉस सोसाइटी, सदर अस्पताल प्रबंधन, सिविल सर्जन और स्थानीय विधायक के साथ हुई बैठक के बाद इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया गया है. जरूरी संसाधनों की सूची भी राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है.

OTP के बाद ही रक्त आवंटन, डिजिटल व्यवस्था से सुरक्षा

रक्तदान और रक्त आवंटन की प्रक्रिया में डिजिटल सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है. रक्तदाता के मोबाइल पर OTP और ई-कार्ड भेजे जाने की व्यवस्था है. सत्यापन के बिना रक्त के गलत इस्तेमाल की संभावना को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है.

डॉ. तिवारी ने बक्सर के युवाओं से अपील की कि रक्तदान को केवल किसी आपात स्थिति तक सीमित न रखें. नियमित रक्तदान की आदत बनाकर वे अनजान लोगों के जीवन में उम्मीद की रोशनी जगा सकते हैं. उनका संदेश साफ है - रक्त बैंक तभी मजबूत होगा, जब समाज की भागीदारी मजबूत होगी.

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