चौपट ड्रेनेज व्यवस्था से बक्सर नगर की सड़कों पर संकट, कहीं जलमग्न तो कहीं जलजमाव ..

पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. लोगों का कहना है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है. 






                             


  • स्टेशन रोड, इटाढ़ी रोड से किला मैदान तक बारिश ने बढ़ाई परेशानी, आईटीआई फील्ड होकर चौसा जाने वाली सड़क भी प्रभावित
  • आम आदमी पार्टी ने भी ठठेरी बाजार-सिंडिकेट गोलंबर मुख्य मार्ग के जलभराव पर नगर परिषद से की स्थायी समाधान की मांग

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बारिश होते ही बक्सर नगर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोर कड़ी सामने आ जाती है. नगर के अलग-अलग हिस्सों में कहीं सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं तो कहीं जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. स्टेशन रोड, इटाढ़ी रोड, किला मैदान रोड, आईटीआई फील्ड के रास्ते चौसा तक जाने वाली सड़क समेत लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर कमोबेश यही स्थिति देखने को मिल रही है. सड़क पर जमा पानी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

जलभराव की समस्या को लेकर अब राजनीतिक स्तर से भी नगर परिषद की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं. आम आदमी पार्टी के बक्सर जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने 31 अगस्त को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर ठठेरी बाजार-सिंडिकेट गोलंबर मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या की शिकायत की है. आवेदन में कहा गया है कि नालियों की उचित सफाई नहीं होने के कारण मात्र पांच मिनट की बारिश में मुख्य सड़क पर पानी भर जाता है. इससे राहगीरों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है.

पीसी कॉलेज के समीप भी जलजमाव से परेशानी

पीसी कॉलेज के समीप रहने वाले हरे कृष्णा सिंह, मनोज कुमार, नितीश कुमार, सोनू और राजू आदि ने भी जलजमाव की समस्या पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. लोगों का कहना है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है. मंगलवार की सुबह एक ई रिक्शा इसी जल जमाव के बीच पलट गया.

सड़क निर्माण पर खर्च, पानी निकासी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर लगातार सरकारी राशि खर्च की जाती है, तो बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जाती. सड़क और नाली के बीच जल प्रवाह का उचित प्रबंध नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है. कई स्थानों पर स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों को सड़क पर भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.

लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़कों की मजबूती पर भी असर पड़ता है. सड़क के नीचे पानी पहुंचने और लगातार जलजमाव रहने से सड़क के टूटने तथा गड्ढे बनने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में एक तरफ सड़क निर्माण पर खर्च होता है और दूसरी तरफ जल निकासी की कमी के कारण उसी सड़क के जल्द खराब होने का खतरा पैदा हो जाता है.

नगर परिषद की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखना नगर परिषद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है. नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी के रास्तों की निगरानी और सड़क से नाली तक पानी के बहाव को सुनिश्चित करना जरूरी है. लेकिन नगर के कई प्रमुख मार्गों पर एक जैसी स्थिति सामने आना नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद समस्या सामने आने पर पानी निकालने की कवायद करने के बजाय ऐसी व्यवस्था पहले से तैयार होनी चाहिए, जिससे बारिश का पानी सड़क पर जमा ही न हो. केवल नालियों की सफाई या पंप लगाकर पानी निकाल देना स्थायी समाधान नहीं हो सकता.

विकसित बिहार के दावों के बीच बक्सर की तस्वीर

सरकार लगातार बेहतर सड़क, शहरी विकास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं की बात करती है. इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं. लेकिन बक्सर नगर की प्रमुख सड़कों पर बारिश के बाद दिखाई देने वाली तस्वीर इन योजनाओं की जमीन पर पड़ताल करने को मजबूर करती है.

सवाल यह भी है कि सड़क निर्माण की योजना बनाते समय जल निकासी को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती. यदि सड़क और नाली का निर्माण अलग-अलग सोच के साथ किया जाएगा तो ऐसी समस्या लगातार बनी रहेगी. तकनीकी योजना, निर्माण की गुणवत्ता और काम पूरा होने के बाद उसकी निगरानी, तीनों स्तरों पर गंभीरता की जरूरत है.

स्थायी समाधान की मांग

आम आदमी पार्टी की ओर से भी ठठेरी बाजार-सिंडिकेट गोलंबर रोड की नालियों की तत्काल विशेष सफाई कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है. वहीं, पीसी कॉलेज के समीप के निवासियों ने भी जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की जरूरत बताई है.

बक्सर में सवाल सिर्फ सड़क पर जमा पानी का नहीं है. सवाल उस व्यवस्था का है, जिस पर जनता का पैसा खर्च हो रहा है और जिसके बावजूद बारिश आते ही नगर की प्रमुख सड़कें जलभराव की चपेट में आ जाती हैं. नगर परिषद और सरकार को अब अस्थायी उपायों से आगे बढ़कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे.













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