वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजद का हंगामा, बक्सर में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका ..

उनके अनुसार, मौजूदा समय में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक दलों और जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है.





                           


  • जिला कार्यालय से आंबेडकर चौक तक निकला मार्च, कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे
  • जिलाध्यक्ष बोले- चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल, लोकतंत्र की रक्षा के लिए जवाबदेही जरूरी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजद के विरोध का सिलसिला शुक्रवार को बक्सर में भी दिखाई दिया. बिहार प्रदेश राजद के आह्वान पर जिला अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से आंबेडकर चौक तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. राजद ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'भाजपा के एजेंट ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो' जैसे नारे लगाए. राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं रही और SIR के माध्यम से बिहार समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. पार्टी का दावा है कि इसका राजनीतिक लाभ भाजपा को मिला. हालांकि, ये आरोप राजद की ओर से लगाए गए हैं. निर्वाचन आयोग स्वयं चुनावों को कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की बात कह चुका है.

जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने कहा कि एक समय भारत का निर्वाचन आयोग दुनिया में अपनी विश्वसनीयता के लिए जाना जाता था. उनके अनुसार, मौजूदा समय में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक दलों और जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा चुनाव आयुक्तों के साथ समन्वय के बजाय कई महत्वपूर्ण निर्णयों में एकतरफा रवैया अपनाया गया. राजद जिलाध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव को लेकर पार्टी पहले से सवाल उठाती रही है. उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

प्रदर्शन में ब्रह्मपुर विधायक शम्भुनाथ यादव, प्रदेश महासचिव निर्मल कुशवाहा, संतोष भारती, श्वेता पाठक, बबलू यादव, युवा नेता राजेश यादव, अनिल कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह यादव, रामेश्वर सिंह, जगनारायण यादव, लालबाबू यादव, इफ्तिखार अहमद, अखिलेश यादव, अंगद यादव, जवाहर पासवान, मनीषा मौर्या, राजेंद्र मौर्या, उमेश कुमार सिंह, रामप्रवेश यादव, भुवनेश्वर सिंह, शिवबचन सिंह, सरोज राजभर, कृष्णावती देवी, आनंद रंजना, सुरेश यादव, राजीव कुमार सिंह, धर्मराज चौहान, आफताब आलम, भुट्टो खान, सुशील यादव, दीपक यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग की मौजूदा टीम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी हैं. ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला था.


















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