कहा कि रेलवे क्रॉसिंग खुलवाने के लिए संघर्ष मोर्चा ने पटना से लेकर दिल्ली तक आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि मोर्चा ने जनता की आवाज बनकर संघर्ष किया और लोगों के सहयोग तथा आशीर्वाद से आंदोलन को मजबूती मिली.

- 18 जुलाई और 7 अगस्त के रेल रोको आंदोलनों के बाद बनी रेलवे क्रॉसिंग खुलने की स्थिति, 7 अगस्त के आंदोलन के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी
- दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर जताया जनता का आभार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग को आम लोगों के लिए खोलने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन सोमवार को समाप्त हो गया. दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा ने इटाढ़ी पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग पर आयोजित धरना समापन एवं जनता आभार कार्यक्रम में अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की. मोर्चा के अनुसार आंदोलन के दबाव के बाद अब रेलवे क्रॉसिंग एक-दो दिनों में आम लोगों के लिए खुलने की उम्मीद है. हालांकि, आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि रेलवे क्रॉसिंग के बाद अब निर्माणाधीन ओवरब्रिज को लेकर अगली लड़ाई लड़ी जाएगी.
18 जुलाई को हुआ पहला रेल रोको आंदोलन
रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर 18 जुलाई 2026 को संघर्ष मोर्चा और स्थानीय जनता ने रेलवे पटरी पर उतरकर रेल रोको आंदोलन किया था. इस आंदोलन के जरिए रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने से आम लोगों को हो रही परेशानी और आवागमन की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया. आंदोलनकारियों ने रेलवे और प्रशासन से रेलवे क्रॉसिंग को आम लोगों के लिए खोलने की मांग की.
7 अगस्त को फिर बुलंद हुई आवाज
मांग पूरी नहीं होने पर 7 अगस्त 2026 को दूसरी बार रेल रोको आंदोलन किया गया. इस बार कांग्रेस ने भी आंदोलन को समर्थन दिया. आंदोलनकारियों ने रेलवे पटरी पर प्रदर्शन कर रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस आंदोलन के बाद आंदोलनकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई. इसके बावजूद मोर्चा ने अपना आंदोलन जारी रखा और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया.
अनिश्चितकालीन धरने तक पहुंचा संघर्ष
लगातार धरना-प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलनों के बाद मोर्चा ने इटाढ़ी पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग पर अनिश्चितकालीन धरना दिया. सोमवार को इसी धरने का समापन किया गया. धरना समाप्त करते हुए मोर्चा ने आंदोलन में साथ देने वाली जनता का आभार जताया. मोर्चा का कहना है कि जनता के सहयोग और लगातार संघर्ष के कारण अब रेलवे क्रॉसिंग खुलने की उम्मीद बनी है.
पटना से दिल्ली तक पहुंचाई गई आवाज
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने की, जबकि संचालन मीडिया प्रभारी राम इकबाल ठाकुर ने किया. सरोज राजभर ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग खुलवाने के लिए संघर्ष मोर्चा ने पटना से लेकर दिल्ली तक आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि मोर्चा ने जनता की आवाज बनकर संघर्ष किया और लोगों के सहयोग तथा आशीर्वाद से आंदोलन को मजबूती मिली.
अब ओवरब्रिज पर होगी अगली लड़ाई
सरोज राजभर ने कहा कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग का मुद्दा आंदोलन का एक पड़ाव है. अब निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज को लेकर संघर्ष किया जाएगा. इस मुद्दे पर बिहार सरकार और जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर फिर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष मोर्चा आगे भी आवाज उठाता रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा.
शिव चर्चा से भावुक हुआ माहौल
धरना समापन कार्यक्रम से पहले शिव परिवार की महिलाओं की ओर से संगीतमय शिव चर्चा का आयोजन किया गया. भक्ति संगीत के बीच कार्यक्रम स्थल का माहौल भावुक हो गया. शिव चर्चा में रीमा राजभर, शकुंतला देवी, प्रेमशीला देवी, सूर्यकांत देवी और सुनीता कुशवाहा सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं.
कार्यक्रम में जिला सह-संयोजक दिनानाथ ठाकुर, चंदन तेजस्वी, बीरबल रजक, अमित मिश्रा, लाल बिहारी पाल, जितेंद्र ठाकुर, महिला नेत्री कृष्णावती देवी, प्रमोद केसरी, अजीत कुशवाहा, अजीत राम, जगनारायण सिंह, मुन्ना ओझा, मुन्ना राजभर, रमन राजभर, रामजी ठाकुर, जगदीश ठाकुर, राजकुमार राय, सिपाही राजभर और सुनीता देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे.





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