कहा कि विद्यालय में मिली स्वाध्याय की प्रेरणा और नियमित पढ़ाई की आदत ने NDA की तैयारी में उनकी काफी मदद की. उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित स्वाध्याय करने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में कभी हार नहीं मानने की अपील की.

- NDA के जरिए भारतीय सेना में चयन के बाद सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर सबसे पहले पहुंचे विद्यालय
- NCC कैडेट्स को दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, स्वाध्याय और निरंतर मेहनत से हासिल करें लक्ष्य
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिस विद्यालय की कक्षाओं में बैठकर कभी भारतीय सेना में जाने का सपना संजोया था, उसी विद्यालय में जब पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक सैन्य वर्दी में पहुंचे तो पूरा परिसर गर्व और भावुकता से भर उठा. NDA के माध्यम से भारतीय सेना में चयनित होकर सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मनोज कुमार पाठक सबसे पहले अपने फाउंडेशन स्कूल पहुंचे. ट्रेन से उतरने के बाद सीधे विद्यालय पहुंचे मनोज ने अपने शिक्षकों से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लेते हुए विद्यालय के प्रति आभार जताया.
वर्दी में पूर्व छात्र को देखकर गर्व से भर उठा विद्यालय परिवार
भारतीय सेना की वर्दी में अपने पूर्व छात्र को सामने देखकर शिक्षक, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के चेहरे पर गर्व साफ नजर आया. लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक के साथ उनके माता-पिता, मित्र और रिश्तेदार भी विद्यालय पहुंचे. अपने विद्यार्थी को वर्षों बाद इस मुकाम पर देखकर शिक्षकों के लिए यह क्षण बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा.
सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया
लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ फाउंडेशन स्कूल के सभी शिक्षकों को दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में मिली स्वाध्याय की प्रेरणा और नियमित पढ़ाई की आदत ने NDA की तैयारी में उनकी काफी मदद की. उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित स्वाध्याय करने, सकारात्मक सोच रखने और जीवन में कभी हार नहीं मानने की अपील की.
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता. लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने से कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है.
"शिक्षकों की सीख विद्यार्थी के जीवन की पूंजी"
अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए मनोज ने कहा कि शिक्षकों की बातें और उनका मार्गदर्शन विद्यार्थी के जीवन में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. यदि विद्यार्थी शिक्षकों की सीख को अपने जीवन में उतारें और उस पर ईमानदारी से अमल करें तो सफलता की राह काफी आसान हो जाती है. उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को अद्वितीय बताया.
पढ़ाई के साथ नेतृत्व क्षमता में भी आगे थे मनोज
विद्यालय के प्राचार्य ने लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि मनोज अपने विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहे हैं. वे विद्यालय के हाउस कैप्टन के रूप में अपने हाउस का नेतृत्व भी कर चुके हैं.
प्राचार्य ने कहा कि मनोज में पढ़ाई के साथ मानवीय संवेदनाएं और नेतृत्व के गुण प्रारंभ से ही मौजूद थे. उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से इन गुणों को और मजबूत किया और आज भारतीय सेना में अधिकारी बनकर विद्यालय का नाम रोशन किया है. विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा ने भी फोन पर अपने पूर्व छात्र को बधाई दी.
NCC कैडेट्स को बताया सेना में सफलता का रास्ता
विद्यालय आगमन के दौरान लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक ने फाउंडेशन स्कूल के NCC कैडेट्स से भी विशेष मुलाकात की. उन्होंने कैडेट्स को भारतीय सेना में चयन की तैयारी, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बारे में मार्गदर्शन दिया.
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कैडेट्स को प्रेरित किया कि वे अभी से अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहें और शारीरिक एवं मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाएं. उन्होंने कहा कि सेना में जाने की तैयारी केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और देशसेवा की भावना भी जरूरी है.
स्कूल से निकला छात्र जब अफसर बनकर लौटा तो भावुक हुए गुरुजन
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक का सबसे पहले अपने विद्यालय पहुंचना पूरे कार्यक्रम का सबसे भावुक पहलू रहा. यह केवल एक पूर्व छात्र की अपने स्कूल में वापसी नहीं थी, बल्कि विद्यार्थी और विद्यालय के बीच वर्षों से कायम उस आत्मीय रिश्ते की झलक भी थी, जो समय बीतने के बावजूद कमजोर नहीं होता.
जिस विद्यालय ने मनोज को स्वाध्याय, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार दिए, उसी परिसर में भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में लौटकर उन्होंने अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. अपने पूर्व छात्र को सेना की वर्दी में देखकर फाउंडेशन स्कूल परिवार ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाठक के उज्ज्वल, सफल एवं राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
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