यहां आरपीएफ अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों के बीच मामले को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई. इस दौरान मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ इटाढ़ी गुमटी खोलने की मांग को लेकर भी चर्चा हुई.

- रेल चक्का जाम मामले में 33 नामजद और 150 अज्ञात पर है केस, अधिवक्ताओं के साथ RPF पोस्ट पहुंचे नेता और आंदोलनकारी
- अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत, बोले - गुमटी खुलने की राह साफ तो आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे पर भी हो विचार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर हुए रेल चक्का जाम के बाद दर्ज मुकदमे में अब नया मोड़ सामने आया है. आरपीएफ की ओर से जारी नोटिस के बाद मंगलवार को नामजद आंदोलनकारी अधिवक्ताओं के साथ आरपीएफ पोस्ट पहुंचे. यहां आरपीएफ अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों के बीच मामले को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई. इस दौरान मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ इटाढ़ी गुमटी खोलने की मांग को लेकर भी चर्चा हुई.
नोटिस पहुंचा तो अधिवक्ताओं संग RPF पोस्ट पहुंचे आंदोलनकारी
7 अगस्त को हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर हुए रेल चक्का जाम के मामले में आरपीएफ ने 33 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद नामजद लोगों को समन भेजकर आरपीएफ पोस्ट पर उपस्थित होने को कहा गया था.
मंगलवार को इसी समन के आधार पर बक्सर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल आनंद, अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, अतिपिछड़ा संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरिशंकर उर्फ गोपाल त्रिवेदी, कांग्रेस नेता लक्ष्मण उपाध्याय समेत कई आंदोलनकारी और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता आरपीएफ पोस्ट पहुंचे.
RPF निरीक्षक के सामने हुई बातचीत
आरपीएफ निरीक्षक कुंदन सिंह की मौजूदगी में अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आंदोलनकारियों के बीच मामले को लेकर बातचीत हुई. दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा. कानूनी प्रक्रिया और आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. बातचीत का माहौल सकारात्मक बताया गया.
मुकदमे को लेकर आंदोलनकारियों ने रखी बड़ी मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग पूरी तरह जनहित से जुड़ी है. लोगों की परेशानी को देखते हुए ही आंदोलन किया गया था. उन्होंने कहा कि जब रेलवे की ओर से गुमटी को दोबारा खोलने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने पर भी विचार किया जाना चाहिए.
RPF ने कहा - नियम के अनुसार होगी कार्रवाई
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार समन के बाद उपस्थित हो रहे नामजद लोगों के संबंध में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उपस्थित लोगों से बंधपत्र भरवाने की प्रक्रिया भी की जा रही है.
25 मिनट तक थम गया था हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग
दरअसल, 7 अगस्त को इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम कर दिया था. करीब 25 मिनट तक रेल परिचालन बाधित रहा था. इस दौरान मगध एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था.
गुमटी खुलने के साथ मुकदमे पर भी टिकी नजर
अब इटाढ़ी गुमटी को खोलने की मांग और रेल चक्का जाम के मुकदमे दोनों को लेकर घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है. आरपीएफ पोस्ट पर हुई बातचीत के बाद आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि गुमटी खोलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और मुकदमे को लेकर भी आगे कोई सकारात्मक रास्ता निकल सकता है.





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