फरार होने की फिराक में था कुकर्म का आरोपित शिक्षक, बक्सर स्टेशन पर पुलिस ने दबोचा ..

आरोपित शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद को बक्सर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, वह फरार होने की फिराक में था और इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया.





                             


  • नाबालिग पूर्व छात्रा से दुष्कर्म, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का प्राथमिकी में आरोप
  • 29 अगस्त को ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य से की थी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप; मामले में तीनों आरोपित गिरफ्तार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहीर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय से जुड़े छात्रा के साथ दुष्कर्म और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोपों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले के आरोपित शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद को बक्सर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, वह फरार होने की फिराक में था और इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया. मामले में आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और विद्यालय के प्रधानाचार्य मो. इमाम अली अंसारी को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

प्राथमिकी में गंभीर आरोप, वीडियो के जरिए धमकाने की बात

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में दोनों शिक्षकों पर नाबालिग पूर्व छात्रा के साथ दुष्कर्म करने, उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने तथा उसी वीडियो के माध्यम से उसे धमकाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर पुलिस लगातार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही थी.

इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि मामले का आरोपित शिक्षक बीरेंद्र प्रसाद बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

अरविंद कुमार पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस इससे पहले आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस के अनुसार, मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य मो. इमाम अली अंसारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और उसे छिपाने का प्रयास किया गया. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है.

28 अगस्त को वीडियो की जानकारी मिलने का दावा

पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, छात्रा को 28 अगस्त को जानकारी मिली कि शिक्षक बीरेंद्र ने उसका आपत्तिजनक वीडियो उसके ही गांव के कुछ लड़कों को भेज दिया है. आरोप है कि इसके बाद शिक्षक ने उन लड़कों को फोन कर आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें भी कहीं.

बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान शिक्षक नशे की हालत में था. इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है.

29 अगस्त को स्कूल पहुंचे थे ग्रामीण, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई!

मामले में सबसे गंभीर बात यह भी सामने आई है कि वीडियो की जानकारी मिलने के बाद 29 अगस्त 2026 को गांव के लोग मध्य विद्यालय पहुंचे थे. ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य मो. इमाम अली अंसारी से शिक्षक बीरेंद्र और अरविंद के संबंध में शिकायत की थी.

आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रधानाचार्य की ओर से तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब प्रधानाचार्य की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है कि उन्हें कब और किस स्तर पर मामले की जानकारी मिली तथा शिकायत के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए.

गांव में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद नथुनी अहीर के डेरा और आसपास के इलाके में लोगों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर छात्रा से जुड़े इस तरह के गंभीर आरोप सामने आने पर चिंता जताई है. लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

तीनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में

बीरेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में नामजद तीनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. अब पुलिस के सामने मामले की कड़ियों को जोड़ने, आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाने और प्रत्येक आरोपित की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है.

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बीरेंद्र प्रसाद, अरविंद कुमार और मो. इमाम अली अंसारी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर ही होगी.













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