सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना भी रहा. मंच से कवियों ने अपनी रचनाओं में हिंदी की महत्ता के साथ समाज की तस्वीर और मानवीय संवेदनाओं को शब्द दिए.
- सजी साहित्य की महफिल, देशभक्ति से सामाजिक सरोकार तक कविताओं ने छुआ दिल
- करीब 25 कवियों ने बांधा समां, रोटरी क्लब ने अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर किया सम्मान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार की शाम बक्सर में हिंदी सिर्फ बोली नहीं गई, बल्कि कविता के शब्दों में जीती हुई नजर आई. रोटरी क्लब की ओर से आयोजित हिंदी दिवस कवि सम्मेलन-2026 में देशभक्ति, हास्य-व्यंग्य, सामाजिक विसंगतियों और बदलते दौर की तस्वीर कविताओं के जरिए मंच पर उतरी. कभी जोरदार तालियों से सभागार गूंजा तो कभी व्यंग्य की चुटीली पंक्तियों पर श्रोताओं के ठहाके छूटे. साहित्यप्रेमियों और रोटेरियन सदस्यों से भरी महफिल देर तक कविताओं के रंग में डूबी रही.
हिंदी के लिए मंच से निकली आवाज
इस कवि सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना भी रहा. मंच से कवियों ने अपनी रचनाओं में हिंदी की महत्ता के साथ समाज की तस्वीर और मानवीय संवेदनाओं को शब्द दिए. ओजपूर्ण कविताओं ने देशभक्ति का भाव जगाया तो सामाजिक विषयों पर रचनाओं ने श्रोताओं को गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर किया.
मंच संचालन श्री भगवान सिंह और जाने-माने शायर साबित रोहतासवी ने अपने प्रभावी और रोचक अंदाज में किया. कवि सम्मेलन में धनु लाल प्रेमातुर, शिव बहादुर पांडेय ‘प्रीतम’, श्री भगवान पांडेय ‘निराश’, डॉ. अरुण मोहन भारवि, वैरागी प्रभाष चतुर्वेदी, विष्णुदेव तिवारी, प्रो. श्रीकांत चतुर्वेदी, नंदेश्वर उपाध्याय, साबित रोहतासवी, फारूक सैफी, हृदय नारायण शर्मा ‘हेहर’, रामेश्वर प्रसाद वर्मा, रत्नेश ओझा ‘राही’, वशिष्ठ पांडेय, उमेश कुमार पाठक ‘रवि’, राजय सागर, धनंजय गड़ाकेश, राजा रमेश पांडेय और राजा रमन पांडेय समेत करीब 25 कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं.
हास्य-व्यंग्य ने गुदगुदाया, ओज ने माहौल बदला
कवियों ने बदलते सामाजिक परिवेश, विसंगतियों और मानवीय रिश्तों को अपनी रचनाओं का विषय बनाया. हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया, वहीं भावपूर्ण कविताओं ने माहौल को गंभीर और संवेदनशील बना दिया. देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं पर भी जमकर तालियां बजीं.
इस अवसर पर रोटरी के सहायक गवर्नर टीएन चौबे, वरिष्ठ रोटेरियन प्रदीप कुमार जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष दिलशाद आलम, सचिव मनोज वर्मा, कोषाध्यक्ष कुमार सागर, कृष्णानंद सिंह टुन्नू, शिवाधर तिवारी, एसएम साहिल, रवि निर्मल, अरुण कुमार, रोटेरियन सुनीता सिंह, प्रभुनाथ प्रसाद, अनिल जायसवाल, राजकुमार सिंह, सुनील कुमार, विवेक कुमार तथा रोटेरियन डोमेनिक अमलान समेत क्लब के अन्य सदस्य मौजूद रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता रोटरी क्लब अध्यक्ष निर्मल कुमार सिंह ने की.
‘हिंदी देश की सांस्कृतिक चेतना की मजबूत कड़ी’
वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना और भावनाओं को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है. साहित्यिक आयोजनों के जरिए हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने और नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि समाज में भाषा और साहित्य के लिए माहौल तैयार करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है.
कार्यक्रम में रोटरी क्लब की ओर से सभी कवियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया. अंत में रोटेरियन मीना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कवियों, अतिथियों, साहित्यप्रेमियों और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रोटेरियन सदस्यों के प्रति आभार जताया.






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