फाउंडेशन स्कूल के विद्यार्थियों ने छह मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें से तीन को राज्य स्तर के लिए चुना गया. विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय में उत्साह का माहौल है.
- 23 स्कूलों के बीच फाउंडेशन स्कूल के तीन मॉडलों ने बनाई जगह
- अनाज से खाने योग्य प्लेट, एसिटिलीन चूल्हा और मिट्टी पर प्रयोग ने खींचा ध्यान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : शादी-ब्याह या किसी समारोह में खाना खाने के बाद प्लेट और चम्मच भी खाए जा सकते हैं! सुनने में यह बात भले ही अजीब लगे, लेकिन बक्सर के स्कूली बच्चों ने अनाज से खाने योग्य प्लेट और कटलरी बनाने का मॉडल पेश कर इस दिशा में नई संभावना दिखाई है. प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को बचाने की सोच के साथ तैयार इस मॉडल समेत फाउंडेशन स्कूल के तीन विज्ञान मॉडलों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है.
विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने बताया कि एमपी हाई स्कूल, बक्सर में आयोजित 32वीं जिला स्तरीय स्टूडेंट कांग्रेस विज्ञान प्रदर्शनी में जिले के 23 विद्यालयों ने भाग लिया. इसमें फाउंडेशन स्कूल के विद्यार्थियों ने छह मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें से तीन को राज्य स्तर के लिए चुना गया. विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय में उत्साह का माहौल है.
अनाज से बर्तन, गैस का विकल्प और मिट्टी पर प्रयोग
विद्यार्थियों के पहले मॉडल में अनाज से खाने योग्य प्लेट और कटलरी तैयार करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई. इसका उद्देश्य समारोहों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के बर्तनों के विकल्प तलाशना और कचरा कम करना है.
दूसरे मॉडल में एलपीजी के विकल्प के रूप में एसिटिलीन गैस से संचालित चूल्हे की कार्यप्रणाली दिखाई गई. हालांकि, इसके व्यावहारिक इस्तेमाल के लिए सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच जरूरी होगी.
तीसरे मॉडल में बेकार गत्ते के छोटे-छोटे टुकड़ों को मिट्टी में मिलाकर गेहूं के बीज बोए गए. विद्यार्थियों ने सामान्य मिट्टी में उगाए गए पौधों से इसकी तुलना कर अपशिष्ट पदार्थों के उपयोग और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाओं को समझाने का प्रयास किया.
अटल टिंकरिंग लैब में तैयार हो रहे नए प्रयोग
विद्यालय के विज्ञान शिक्षक अमित कुमार के अनुसार, विद्यार्थियों को कम लागत में प्रयोग करने और आसपास की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब बच्चों को अपने विचारों को व्यावहारिक मॉडल में बदलने का अवसर देती है.
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच, स्वतंत्र चिंतन और नवाचार को बढ़ावा देने से बच्चों में समस्या-समाधान की क्षमता विकसित होती है. चयनित विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा में उनके अभिभावकों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया.
अब ये विद्यार्थी राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता में बक्सर का प्रतिनिधित्व करेंगे. विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है.
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