छठ से पहले चौसा के गंगा घाटों की परीक्षा, कीचड़ और फिसलन बनी चुनौती ..

आस्था का सैलाब उमड़ने से पहले प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को दुरुस्त करने की चुनौती है. गंगा का जलस्तर घटने से घाटों पर जमा कीचड़ और मिट्टी परेशानी बढ़ा सकती है. 




               






  • महादेवा और रानी घाट पर अधिकारियों ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की तैयारी
  • जलस्तर घटने से घाटों पर जमा हुई मिट्टी, पर्व से पहले सफाई और सुरक्षित रास्तों पर रहेगा जोर

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : छठ महापर्व पर गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ने से पहले प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को दुरुस्त करने की चुनौती है. गंगा का जलस्तर घटने से घाटों पर जमा कीचड़ और मिट्टी परेशानी बढ़ा सकती है. इसे देखते हुए गुरुवार को अधिकारियों ने चौसा के महादेवा घाट, रानी घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया. इस दौरान घाटों की सफाई, सुरक्षित आवागमन और अर्घ्य देने के लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई.

कीचड़ और फिसलन के बीच सुरक्षित अर्घ्य दिलाने की तैयारी

गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों पर जमा कीचड़ और मिट्टी छठव्रतियों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है. पर्व के दौरान घाटों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में फिसलन और असुरक्षित रास्तों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. निरीक्षण के दौरान घाटों से कीचड़ और मिट्टी हटाने, साफ-सफाई कराने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने पर विचार-विमर्श किया गया. घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया.

दूर-दराज के गांवों से पहुंचते हैं छठव्रती

महादेवा घाट और रानी घाट पर छठ के अवसर पर चौसा के स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस कारण घाटों पर भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं. अधिकारियों ने घाटों की मौजूदा स्थिति का जायजा लेकर पर्व से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं करने को लेकर चर्चा की.

निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी विजय प्रकाश, प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान, मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभू भगत, नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, चेयरमैन प्रतिनिधि मनोज यादव और वार्ड पार्षद मौजूद रहे. अब पर्व से पहले घाटों की सफाई, कीचड़ हटाने और बैरिकेडिंग जैसे जरूरी कार्यों को पूरा करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में भगवान सूर्य को अर्घ्य दे सकें.










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