सत्य-अहिंसा से मजबूत समाज की राह, गांधी-शास्त्री के विचारों को अपनाने पर जोर ..

कहा कि सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्शों को जीवन में उतारकर संवेदनशील और सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता, आपसी सद्भाव और समाज के प्रति जिम्मेदारी गांधीजी के विचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं. 



                           

  • जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक एकता को बताया सच्ची श्रद्धांजलि का माध्यम
  • श्रद्धापूर्वक मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : साबित खिदमत फाउंडेशन एवं मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई. कार्यक्रम में दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और राष्ट्रनिर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान समाज में अपनाने पर जोर दिया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक एवं मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के बिहार प्रदेश महासचिव डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्शों को जीवन में उतारकर संवेदनशील और सुदृढ़ समाज का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों की सहायता, आपसी सद्भाव और समाज के प्रति जिम्मेदारी गांधीजी के विचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं.

व्यवहार में उतरें महापुरुषों के विचार

डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनके चित्र पर माल्यार्पण करने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने व्यवहार में उतारने से होगी. जरूरतमंदों की सहायता करना, सामाजिक सद्भाव बनाए रखना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है.

सादगी और ईमानदारी के लिए याद किए गए शास्त्री

लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए डॉ. आलम ने उनकी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को प्रेरणास्रोत बताया. उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने किसानों और जवानों के महत्व को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा और सादगी के साथ देशसेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया.

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता पर जोर

इस अवसर पर डॉ. मनीष कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री जयंती देशवासियों के लिए गौरव के साथ आत्मचिंतन का भी अवसर है. देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन इस विकास को और मजबूत करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक एकता और जिम्मेदार नागरिकता पर लगातार काम करना जरूरी है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में इजाज, फिजा, विकास, मुस्लिम, राहुल, नासिर, नरेंद्र, नगमा, राम प्यारे, तेज नारायण, पूजा, तहकशा, अमरजीत, आयशा, रोशनी, सबाना, विक्की सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.


















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