कहा कि नवरात्र और दशहरा के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मेले में पहुंचते हैं. ऐसे में प्रमुख स्थानों पर चलंत शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो.

- बच्चों की जेब में नाम-पते और मोबाइल नंबर की पर्ची रखने की अपील, बोले- ड्यूटी के दौरान मोबाइल छोड़ सतर्क रहें सुरक्षाकर्मी
- पार्किंग के साइन बोर्ड, गलियों में रोशनी और पेयजल पर दिया जोर, त्योहार में बंद घरों की सुरक्षा के लिए बढ़े पुलिस गश्त
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर . दशहरा मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है. इसके लिए जिला प्रशासन और नगर परिषद को शौचालय, पेयजल, पार्किंग, रोशनी और पुलिस गश्त जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए. रेड क्रॉस सोसाइटी, बक्सर के सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने प्रशासन से ये मांगें करते हुए लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है.
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर प्रशासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है. उन्होंने कहा कि नवरात्र और दशहरा के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मेले में पहुंचते हैं. ऐसे में प्रमुख स्थानों पर चलंत शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो.
पार्किंग, पेयजल और गलियों की रोशनी पर जोर
डॉ. तिवारी ने कहा कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था के साथ प्रमुख रास्तों पर पहले से साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए. इससे बाहर से आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की जगह खोजने में परेशानी नहीं होगी. उन्होंने बक्सर की गलियों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट चालू रखने की जरूरत भी बताई.
उन्होंने नगर परिषद से पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने और खराब पड़ी पेयजल मशीनों को जल्द दुरुस्त कराने की अपील की. साथ ही अहिरौली, पांडेयपट्टी और विस्तारित शहरी इलाकों में त्योहार के दौरान अस्थायी प्रकाश व्यवस्था करने पर जोर दिया, ताकि अंधेरे के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो.
सूने घरों की सुरक्षा के लिए बढ़े गश्त, बच्चों का रखें ध्यान
त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मेले में निकलते हैं और कई घर खाली रह जाते हैं. ऐसे में चोरी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए उन्होंने मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की. दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान दूसरे शहरों से लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन से देर रात घर जाने के लिए वाहनों की समुचित व्यवस्था करने की जरूरत भी बताई.
डॉ. तिवारी ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को लेकर सड़क पर चलते समय खुद सड़क की ओर रहें और बच्चों को सुरक्षित तरफ रखें. भीड़ में बच्चों के बिछड़ने की आशंका को देखते हुए उनकी जेब में नाम, पिता का नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर लिखी पर्ची जरूर रखें. इससे बच्चा भटकने पर उसे सुरक्षित तरीके से परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने मेले में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों से ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचने तथा पूरी मुस्तैदी से जिम्मेदारी निभाने की अपील की. उनका कहना है कि प्रशासन, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों के आपसी सहयोग से दशहरा मेले को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सकता है.




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