उन्होंने बच्चों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए प्रदूषण रहित दीपावली मनाने की अपील की. साथ ही पटाखों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने और प्रकृति की सुरक्षा का संदेश दिया.
- राम-सीता स्वयंवर से रावण वध तक, विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
- दीपावली और छठ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा फाउंडेशन स्कूल, डुमरांव
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दीपावली की जगमगाहट और छठ महापर्व की लोकआस्था जब मंच पर उतरी तो पूरा माहौल भक्तिमय और उत्सवी हो गया. फाउंडेशन स्कूल, डुमरांव में शुक्रवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने राम-सीता स्वयंवर, रावण वध और छठ महापर्व की परंपराओं का ऐसा जीवंत चित्रण किया कि दर्शक भावविभोर हो उठे. गीत, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने भारतीय संस्कृति और बिहार की समृद्ध लोकपरंपरा की खूबसूरत झलक पेश की.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा छह और सात की छात्राओं की ओर से प्रस्तुत संगीतमय राम-सीता स्वयंवर रहा. विद्यार्थियों ने रामायण के इस प्रसंग का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. वहीं, कक्षा आठ की छात्रा ऐश्वर्या मिश्रा ने छठ महापर्व पर आधारित मधुर गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया.
इसके अलावा विद्यार्थियों ने रावण वध का नाटकीय मंचन कर भगवान राम की विजय का प्रसंग जीवंत किया. छठ महापर्व के तीन दिवसीय अनुष्ठान की भी क्रमबद्ध प्रस्तुति दी गई. इसमें नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की परंपराओं के साथ पूजा की छोटी-बड़ी विधियों को बखूबी दर्शाया गया. बच्चों की प्रस्तुतियों में छठ की लोकआस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं की झलक देखने को मिली.
विद्यालय के निदेशक मनोज कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को दीपावली एवं छठ की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बच्चों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए प्रदूषण रहित दीपावली मनाने की अपील की. साथ ही पटाखों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने और प्रकृति की सुरक्षा का संदेश दिया.
कार्यक्रम का संचालन कक्षा नौ की छात्रा प्रतिज्ञा यादव ने आत्मविश्वास और आकर्षक अंदाज में किया. समापन पर प्राचार्य प्रतीक कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया. उन्होंने बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उपहार देकर सम्मानित किया.
यह आयोजन मनोरंजन के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, धार्मिक आस्था और लोकपरंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी बना.







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