गांजा के साथ मिला सिक्कों का पहाड़, 4 दिन में 1.20 क्विंटल सिक्के बरामद ..

ताजा छापेमारी में 32 किलो 720 ग्राम गांजा जैसे मादक पदार्थ के साथ सात आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के कहां से आए और इनका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना था?



                           



- ब्रह्मपुर में पुलिस की दो छापेमारी से खुला चौंकाने वाला मामला, ताजा कार्रवाई में 32.720 किलो गांजा जैसे मादक पदार्थ के साथ सात गिरफ्तार
- आखिर इतनी बड़ी संख्या में सिक्के क्यों जमा किए जा रहे थे? ब्लेड बनाने की चर्चा, लेकिन पुलिस ने नहीं की पुष्टि

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गांजा और हेरोइन जैसे मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची ब्रह्मपुर पुलिस को कुछ ऐसा मिला, जिसने जांच को नया मोड़ दे दिया. चार दिनों के भीतर दो अलग-अलग छापेमारी में पुलिस ने कुल 1 क्विंटल 20 किलो 620 ग्राम सिक्के बरामद किए हैं. ताजा छापेमारी में 32 किलो 720 ग्राम गांजा जैसे मादक पदार्थ के साथ सात आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के कहां से आए और इनका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना था.

घर में छापेमारी के दौरान मिला सिक्कों का जखीरा

पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुर निवासी राजन शर्मा के घर में मादक पदार्थ रखे जाने और उसकी खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की. इस दौरान 32.720 किलोग्राम गांजा जैसे मादक पदार्थ के साथ सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने मौके से एक क्विंटल 13 किलो 920 ग्राम विभिन्न मूल्यवर्ग के सिक्के भी बरामद किए. इनमें एक, दो, पांच और दस रुपये के सिक्के शामिल हैं. इसके अलावा दो मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.

गिरफ्तार आरोपितों में ब्रह्मपुर निवासी राजन शर्मा, उसका पुत्र अंकित कुमार शर्मा और राजू शर्मा, पिता स्व. बालकृष्ण शर्मा शामिल हैं. इनके अलावा ललन जी का डेरा निवासी राकेश कुमार, पिता राजेश यादव, रघुनाथपुर निवासी प्रकाश कुमार राय और आकाश कुमार राय, दोनों पिता अनंत कुमार राय, तथा देवकुली निवासी पवन कुमार पांडेय, पिता अर्जुन पांडेय शामिल हैं.

चार दिन पहले भी मिला था सिक्कों का बड़ा जखीरा

सिक्कों की बरामदगी का मामला केवल ताजा छापेमारी तक सीमित नहीं है. करीब चार दिन पहले ब्रह्मपुर पुलिस ने रघुनाथपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था. उस दौरान पुलिस ने 127 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ, 1 लाख 11 हजार 270 रुपये नकद, 6 किलो 700 ग्राम सिक्के, 480 पुड़िया मादक पदार्थ, तीन मोबाइल फोन, एक यामाहा मोटरसाइकिल और शराब बरामद की थी.

दोनों कार्रवाइयों में बरामद सिक्कों का कुल वजन 1,20,620 ग्राम यानी 120 किलो 620 ग्राम है. इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के मिलने से इनके स्रोत और इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मामलों के आरोपितों के बीच कोई संबंध है या नहीं.

सिक्कों से ब्लेड बनाने की चर्चा, पुष्टि नहीं

बरामद सिक्कों को पिघलाकर ब्लेड बनाने की चर्चा भी सामने आ रही है. हालांकि, पुलिस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. इसलिए सिक्कों के इस्तेमाल को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी.

जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि सिक्के कहां से आए, किसने इन्हें जमा किया और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था. क्या सिक्कों का संबंध मादक पदार्थों के कथित कारोबार से है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, यह भी जांच का विषय है.

मोबाइल फोन से खुल सकते हैं कई राज

पहले मामले में मनोज नोनिया के भाई ऋषभ उर्फ मुन्ना नोनिया, रविस नोनिया और कथित तस्कर पिंटू नट की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई थी. इसके बाद पिंटू नट और मुन्ना नोनिया समेत तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि रविस नोनिया फरार बताया गया था.

अब ताजा मामले में बरामद सात मोबाइल फोन और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है. दोनों मामलों के बीच संपर्क, सिक्कों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल की जांच से ही इस रहस्य का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल, चार दिनों में 120 किलो से अधिक सिक्कों की बरामदगी ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है.













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