योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को कुल ₹98,000 तक की बंपर सब्सिडी दी जा रही है. वहीं, धनतेरस के पावन पर्व पर बक्सर की 'नव अवतार सोलर सर्विसेज' ने ऑन-ग्रिड सिस्टम लगवाने पर ग्राहकों को मुफ्त स्कूटी देने का विशेष ऑफर पेश किया है.
- पीएम सूर्य घर योजना से घर की छत बनेगी पावर हाउस; घने बादलों और हल्की धूप में भी तैयार होगी भरपूर बिजली
- ऑन-ग्रिड सिस्टम पर नव अवतार सोलर का धनतेरस धमाका, आसान बैंक लोन से हर घर पहुंचेगी सस्ती सौर ऊर्जा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिजली के लगातार बढ़ते बिल और अघोषित कटौती से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर योजना' के तहत अब अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर घर को स्वयं बिजली उत्पादन का केंद्र बनाया जा सकता है. योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को कुल ₹98,000 तक की बंपर सब्सिडी दी जा रही है. वहीं, धनतेरस के पावन पर्व पर बक्सर की 'नव अवतार सोलर सर्विसेज' ने ऑन-ग्रिड सिस्टम लगवाने पर ग्राहकों को मुफ्त स्कूटी देने का विशेष ऑफर पेश किया है. बिजली कंपनी के विद्युत कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह ने जिलेवासियों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और पर्यावरण हितैषी सौर ऊर्जा अपनाने की अपील की है.
घने बादलों और कम धूप में भी नहीं रुकेगा बिजली उत्पादन
विद्युत कार्यालय परिसर के बाहर पीएम सूर्य घर योजना को लेकर उपभोक्ताओं के लिए एक विशेष जागरूकता व हेल्प काउंटर शुरू किया गया है. यहां उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की क्षमता, लागत और सब्सिडी की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है.
कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह ने लोगों के मन में बैठी भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि सोलर पैनल के लिए हर समय तेज धूप की जरूरत नहीं होती. जिस तरह घर के बंद कमरों में भी खिड़कियों से प्राकृतिक उजाला पहुंचता है, ठीक उसी तरह हल्की धूप या बादलों के बीच मौजूद रोशनी (Ambient Light) से भी सोलर पैनल लगातार बिजली का उत्पादन करते रहते हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य कोयले और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता खत्म कर लोगों को अपनी बिजली खुद बनाने में आत्मनिर्भर बनाना है. निर्बाध 24 घंटे बैकअप के इच्छुक उपभोक्ता इसके साथ बैटरी सिस्टम (हाइब्रिड मॉडल) भी चुन सकते हैं.
1 किलोवाट से 6 यूनिट और 3 किलोवाट से 18 यूनिट रोज उत्पादन
अभियंता के अनुसार, उत्पादन क्षमता का गणित बेहद सरल और किफायती है:
- 1 किलोवाट सिस्टम: सामान्य परिस्थितियों में रोजाना लगभग 6 यूनिट बिजली पैदा करता है. जिनका मासिक बिल ₹1,000 के आसपास आता है, उनका बिल इससे लगभग शून्य हो सकता है.
- 3 किलोवाट सिस्टम: प्रतिदिन करीब 18 यूनिट यानी महीने में लगभग 540 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है.
सामान्य घरेलू उपयोग—जिसमें एक एसी, फ्रिज, पंखे और लाइटें शामिल हों—में औसतन 500 यूनिट तक की मासिक खपत होती है. ऐसे में 3 किलोवाट का प्लांट लगाने पर लगभग ₹3,000 तक आने वाला मासिक बिजली बिल शून्य के स्तर पर पहुंच सकता है.
₹98,000 की दोहरी सब्सिडी और लागत का समीकरण
योजना के तहत उपभोक्ताओं को दोहरा वित्तीय लाभ मिल रहा है:
- केंद्र सरकार की ओर से: ₹78,000 की सीधी सब्सिडी
- बिहार राज्य सरकार की ओर से: ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता
- कुल सब्सिडी लाभ: पात्र उपभोक्ता के खाते में सीधे ₹98,000 तक की राशि ट्रांसफर की जाएगी.
लागत को लेकर कार्यपालक अभियंता ने बताया कि 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की सामान्य लागत ₹60,000 से ₹70,000 के बीच आती है. यह कीमत पैनल की तकनीक, ब्रांड और उपकरणों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है.
ऑन-ग्रिड पर मुफ्त स्कूटी, आसान बैंक फाइनेंस और पूरी टीम की मौजूदगी
नव अवतार सोलर सर्विसेज के निदेशक रंजीत कश्यप ने बताया कि बक्सर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ऑन-ग्रिड और हाइब्रिड दोनों प्रणालियां लगाई जा रही हैं. धनतेरस के उपलक्ष्य में एजेंसी ने ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाने वाले ग्राहकों के लिए मुफ्त स्कूटी देने का निजी ऑफर निकाला है, ताकि लोग स्वच्छ ऊर्जा से गाड़ियां चार्ज कर अतिरिक्त ईंधन खर्च से भी मुक्त हो सकें.
योजना को धरातल पर उतारने और उपभोक्ताओं को सीधे तकनीकी जानकारी देने के लिए इस मौके पर नव अवतार सोलर सर्विसेज के निदेशक रंजीत कश्यप, एचआर सौम्या वर्मा, मैनेजर श्रुति केसरी तथा टेक्निकल स्टाफ शिवाजी चौबे सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही.
कश्यप ने बताया कि बजट की चिंता किए बिना कोई भी उपभोक्ता सोलर लगवा सके, इसके लिए बैंकों के माध्यम से लगभग ₹1.89 लाख तक का आसान लोन मात्र 5 से 6 प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
उन्होंने उपभोक्ताओं को बाजार में सक्रिय बिचौलियों और दलालों के भ्रामक दावों से सतर्क रहने की हिदायत दी. उन्होंने सुझाव दिया कि उपभोक्ता सीधे गौरी शंकर मंदिर के पास स्थित एजेंसी कार्यालय या विद्युत कार्यालय स्थित काउंटर पर संपर्क करें, पुराने उपभोक्ताओं के फीडबैक देखें और पूरी पारदर्शिता के साथ इस योजना का लाभ उठाएं.





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