अपनी दमदार आवाज, धारदार संवाद अदायगी और सहज लेकिन प्रभावशाली अभिनय के लिए अलग पहचान रखते थे. पर्दे पर वह जिस किरदार में उतरते थे, उसे अपनी अदाकारी से यादगार बना देते थे.

- अभिनय जगत के ‘ध्रुव तारे’ के अस्त होने से कला और रंगमंच की दुनिया में शोक
- अध्यक्ष सुरेश संगम बोले- नाना पाटेकर की जगह अभिनय की दुनिया में कोई नहीं ले सकता
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म, रंगमंच और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई. नाना पाटेकर के निधन पर बक्सर डिस्ट्रिक्ट आर्टिस्ट एसोसिएशन ने भी गहरा दुख जताते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. एसोसिएशन ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय अभिनय जगत के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं है.
नाना पाटेकर अपनी दमदार आवाज, धारदार संवाद अदायगी और सहज लेकिन प्रभावशाली अभिनय के लिए अलग पहचान रखते थे. पर्दे पर वह जिस किरदार में उतरते थे, उसे अपनी अदाकारी से यादगार बना देते थे. ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘तिरंगा’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी.
संवाद बोलते थे तो पर्दे पर ठहर जाता था हर किरदार
नाना पाटेकर का अभिनय सिर्फ संवाद बोलने तक सीमित नहीं था. उनकी आंखों के भाव, चेहरे की गंभीरता और आवाज का उतार-चढ़ाव किरदार में जान डाल देता था. यही वजह रही कि उन्होंने गंभीर, सामाजिक, नकारात्मक और हास्य भूमिकाओं में भी अपनी अलग पहचान बनाई.
‘क्रांतिवीर’ में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया. वहीं ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी के किरदार ने उनकी अभिनय क्षमता का एक अलग रंग दर्शकों के सामने रखा. फिल्मों के साथ नाना पाटेकर रंगमंच से भी जुड़े रहे और अभिनय की दुनिया में अपनी मजबूत छाप छोड़ी.
अभिनय के साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए भी रहे चर्चित
नाना पाटेकर सिर्फ फिल्मों तक सीमित रहने वाले कलाकार नहीं थे. सामाजिक सरोकारों से भी उनका जुड़ाव रहा. किसानों और जरूरतमंद लोगों की मदद से जुड़े कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई. यही वजह है कि उनके प्रशंसक उन्हें केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि संवेदनशील और जमीन से जुड़े इंसान के रूप में भी याद करते हैं.
बक्सर के कलाकारों ने कहा- ध्रुव तारे का अस्त होना
नाना पाटेकर के निधन पर बक्सर डिस्ट्रिक्ट आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश संगम ने गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का जाना अभिनय की दुनिया के एक ऐसे कलाकार का चले जाना है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.
सुरेश संगम ने कहा, “नाना पाटेकर जी का जाना अभिनय की दुनिया के एक ध्रुव तारे का अस्त होना है. वह केवल एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि शानदार व्यक्तित्व और सहृदय इंसान भी थे. अभिनय के क्षेत्र में उनकी जगह को कोई पूरा नहीं कर सकता. बक्सर डिस्ट्रिक्ट आर्टिस्ट एसोसिएशन उन्हें अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है.”
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने अपनी एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसकी गूंज कई पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी. उनके निभाए किरदार, संवाद और अभिनय की खास शैली दर्शकों के जेहन में हमेशा जिंदा रहेंगे.




.png)








0 Comments