उसे दानापुर जाना था, लेकिन बक्सर के आसपास कथित तौर पर कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे अपने कब्जे में ले लिया.

- परिजनों से यूपीआई के जरिए मंगवाए गए थे 5 हजार और 12 हजार रुपये, रकम लेने में इस्तेमाल खाते का धारक गिरफ्तार
- हैदराबाद से घर लौट रहा था नितिन कुमार, रेल पुलिस अब खंगाल रही पूरे गिरोह की कुंडली
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चलती ट्रेन में खुद को पुलिसकर्मी बताकर यात्रियों से अवैध वसूली करने और विरोध करने पर युवक को ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने के मामले में रेल पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार युवक परिजनों से पैसे मंगवाने के लिए इस्तेमाल की गई यूपीआई आईडी का धारक है. पुलिस ने उसके पास से पोको कंपनी का काले रंग का मोबाइल फोन भी बरामद किया है. रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी की भूमिका केवल पैसे मंगवाने तक सीमित थी या वह वारदात में भी सीधे शामिल था.
यूपीआई के जरिए रकम मंगवाने की खुली कड़ी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र के पिलुई गांव निवासी रविरंजन सिंह (21 वर्ष), पिता रंजीत सिंह, के रूप में हुई है. रेल पुलिस के अनुसार, वह इस मामले में अप्राथमिक अभियुक्त है. जांच के दौरान सामने आया कि मृतक नितिन कुमार के परिजनों से रकम मंगवाने के लिए जिस यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया गया था, वह रविरंजन सिंह के नाम पर थी.
पुलिस के मुताबिक, परिजनों से पहले पांच हजार रुपये और बाद में 12 हजार रुपये मंगवाए गए थे. रकम के लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस रविरंजन तक पहुंची. पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किसके कहने पर किया गया और रकम आखिर किसके पास पहुंची.
बरिसवन से पकड़े गए आरोपी से खुला राज
इस मामले में पहले भी एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी. पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच तेज की. इसी क्रम में परिजनों से मंगवाई गई रकम के लेनदेन की कड़ियां खंगाली गईं और रविरंजन सिंह की भूमिका सामने आई. पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है.
हैदराबाद से घर लौट रहा था नितिन
मामला 20 सितंबर की रात का है. वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय निवासी मुकेश राय का 21 वर्षीय पुत्र नितिन कुमार हैदराबाद में मजदूरी करता था. वह ट्रेन संख्या 07091 हैदराबाद-दानापुर स्पेशल से घर लौट रहा था. उसे दानापुर जाना था, लेकिन बक्सर के आसपास कथित तौर पर कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे अपने कब्जे में ले लिया.
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे नितिन के मोबाइल से फोन आया था. आरोप है कि इसी दौरान उससे रकम की मांग की गई. परिजनों ने सुबह पैसे देने की बात कही थी. बाद में पांच हजार रुपये भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद रकम की मांग बंद नहीं हुई. अगले दिन फिर पैसे मांगे गए. इस बीच नितिन से सीधे संपर्क नहीं हो पाने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई.
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के बाद परिजन पंचायत के मुखिया के साथ बक्सर रेल थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. इस मामले में रेल थाना बक्सर में कांड संख्या 206/26 दर्ज किया गया. पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, पैसे के लेनदेन और वारदात में उनकी भूमिका की जांच कर रही है.
क्या दूसरे यात्रियों को भी बनाया गया निशाना?
जांच के दौरान विरोध करने वाले यात्रियों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है. पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर अन्य यात्रियों को भी डराया और उनसे रकम वसूली होगी. हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
फिलहाल रेल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े साक्ष्यों और लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि नितिन को ट्रेन से धक्का देने की वारदात में कौन-कौन शामिल था और परिजनों से वसूली गई रकम का इस्तेमाल किसने किया.




.png)








0 Comments