यहां मां दुर्गा का दरबार हजारों साल पुरानी हड़प्पा सभ्यता की झलक पेश कर रहा है. प्राचीन इतिहास, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम पेश कर रही जय मां भवानी पूजा समिति ने अपने आयोजन को खास बना दिया है.

- न प्लास्टिक, न थर्माकोल और न आर्टिफिशियल सजावट! सत्यदेव गंज की जय मां भवानी पूजा समिति ने अनूठी थीम से मचाई धूम, पट खुलते ही गंगा महाआरती की तर्ज पर हुई मां की महाआरती
- प्राचीन सभ्यता की झलक के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, युवाओं और संरक्षक सदस्यों ने आयोजन को खास बनाने में दिया योगदान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दुर्गा पूजा में कहीं भव्य सजावट की धूम है, तो कहीं आकर्षक रोशनी का जलवा, लेकिन बक्सर के सत्यदेव गंज में इस बार कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है. यहां मां दुर्गा का दरबार हजारों साल पुरानी हड़प्पा सभ्यता की झलक पेश कर रहा है. प्राचीन इतिहास, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम पेश कर रही जय मां भवानी पूजा समिति ने अपने आयोजन को खास बना दिया है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पंडाल में प्लास्टिक, थर्माकोल या किसी भी तरह की आर्टिफिशियल सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया है. यानी आकर्षण भी, परंपरा भी और पर्यावरण बचाने का संदेश भी!
मां के दरबार में इतिहास से हो रहे रूबरू
आमतौर पर दुर्गा पूजा के पंडालों में आधुनिक सजावट और चमक-दमक देखने को मिलती है, लेकिन सत्यदेव गंज की समिति ने इस बार इतिहास के पन्नों को जीवंत करने की पहल की है. हड़प्पा सभ्यता की थीम पर आधारित पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. हजारों साल पुरानी सभ्यता की झलक के बीच मां दुर्गा के दर्शन भक्तों को धार्मिक अनुभूति के साथ ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी दे रहे हैं. यह थीम पूजा के पारंपरिक रंग में एक नया और अनूठा अंदाज जोड़ रही है.
पट खुलते ही गंगा महाआरती की तर्ज पर हुई मां की आरती
जय मां भवानी पूजा समिति ने मां दुर्गा का पट खुलने के अवसर पर गंगा महाआरती की तर्ज पर विशेष महाआरती का आयोजन किया. आरती के इस खास अंदाज ने पूजा के माहौल को भक्तिमय बना दिया. मां की आराधना, आरती और श्रद्धा के इस संगम ने आयोजन को अलग पहचान दी. दुर्गा पूजा में महाआरती का यह अंदाज श्रद्धालुओं के लिए खास अनुभव रहा.
सजावट ऐसी कि पर्यावरण का भी रखा ख्याल
पूजा पंडाल को आकर्षक बनाने के लिए प्लास्टिक और थर्माकोल का सहारा लेना आम बात है, लेकिन समिति ने इन सामग्रियों से पूरी तरह दूरी बनाई है. किसी भी तरह की आर्टिफिशियल सामग्री का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला आयोजन की खासियत है. समिति की यह पहल बताती है कि धार्मिक उत्सव की भव्यता पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना भी दिखाई जा सकती है. आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश यह आयोजन और खास बना रहा है.
युवाओं और संरक्षक सदस्यों का रहा सराहनीय योगदान
जय मां भवानी पूजा समिति के अध्यक्ष सचिन कुमार हैं. आयोजन को सफल बनाने में राकेश सिंह, पप्पू कुमार, अभिषेक कुमार और प्रिंस कुमार की प्रमुख भूमिका रही. इसके अलावा दीपक अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, निर्मल जी, विश्वम्भर प्रसाद, बिट्टू और सागर वर्मा सहित सभी युवा साथियों एवं संरक्षक सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा. सभी के सामूहिक प्रयास से पूजा आयोजन को खास स्वरूप दिया गया है. हड़प्पा सभ्यता की थीम, पर्यावरण के अनुकूल सजावट और गंगा महाआरती की तर्ज पर विशेष आरती के जरिए समिति ने इस बार दुर्गा पूजा को यादगार बना दिया है.
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