मिशन ज्ञानार्जन से संवरेगा स्कूली माहौल, भावनात्मक समझ और लैंगिक समानता पर हुई चर्चा ..

कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसा माहौल जरूरी है, जहां हर बच्चे को समान अवसर मिले और वह अपनी बात बिना किसी संकोच के रख सके. 




                           




  • डीएम साहिला और डीडीसी निहारिका छवि ने किया कार्यशाला का शुभारंभ, संवेदनशील व्यवहार पर दिया जोर
  • गतिविधियों के जरिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को बताया गया आपसी सम्मान व सकारात्मक संवाद का महत्व

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में मिशन ज्ञानार्जन 2026 के तहत शनिवार को बक्सर के आदर्श विद्यालय (एमपी उच्च विद्यालय) में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. जिला प्रशासन और बिहार शिक्षा परियोजना, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं लैंगिक संवेदनशीलता पर चर्चा हुई. डीएम साहिला और डीडीसी निहारिका छवि ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए विद्यालयों में सुरक्षित, सहयोगात्मक और समावेशी वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया.

भावनाओं को समझने और समानता का सम्मान करने पर जोर

कार्यशाला में वर्ल्ड बीइंग इंडिया की प्रशिक्षिकाओं निवेदिता सिंह और श्वेता ने प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया. उन्होंने भावनाओं को पहचानने और समझने, लैंगिक समानता, सम्मानजनक व्यवहार तथा सकारात्मक संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला. व्यावहारिक उदाहरणों और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इन विषयों को दैनिक जीवन और विद्यालयी व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.

डीएम साहिला और डीडीसी निहारिका छवि ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसा माहौल जरूरी है, जहां हर बच्चे को समान अवसर मिले और वह अपनी बात बिना किसी संकोच के रख सके. विद्यालयों में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.

पढ़ाई के साथ मानवीय मूल्यों का विकास भी जरूरी

कार्यशाला में जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण, वरीय उप समाहर्ता अजय कुमार, डीपीओ (समग्र शिक्षा) अन्नन्या, एडीपीसी रवि भूषण साहनी, एपीओ राम भजन, सहायक साधन सेवी आजाद और कंप्यूटर साइंस शिक्षक अंकुर कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. शहर के मॉडल विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपने नोडल शिक्षकों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया.

इस दौरान आपसी सम्मान, लैंगिक समानता, भावनात्मक समझ और सकारात्मक संवाद जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही विद्यालयों में प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.

कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे शैक्षणिक परिणाम हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से विद्यालयों में सकारात्मक, संवेदनशील और समावेशी शैक्षिक वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी.

















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