कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंग गया. कला प्रदर्शनी, विज्ञान प्रदर्शनी और फूड फेट के अनूठे संगम ने अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया.

- विधायक राहुल सिंह ने किया उद्घाटन, बच्चों से भी की बातचीत
- विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच देखकर अतिथि-अभिभावक हुए प्रभावित
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : कहीं विज्ञान के अनोखे प्रयोग तो कहीं रंगों से सजी कलाकृतियां और कहीं लजीज व्यंजनों के स्टॉल. मौका था संत जॉन सेकेंडरी स्कूल, डुमरांव में आयोजित विद्यालय फेट-2026 का. शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंग गया. कला प्रदर्शनी, विज्ञान प्रदर्शनी और फूड फेट के अनूठे संगम ने अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया.
कार्यक्रम का शुभारंभ डुमरांव विधायक राहुल सिंह के आगमन और स्वागत के साथ हुआ. विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत और सम्मान किया. विधायक की मौजूदगी से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा. उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों और मॉडलों का अवलोकन किया.
कला के रंगों में दिखी कल्पनाशीलता, विज्ञान के मॉडलों ने चौंकाया
फेट का प्रमुख आकर्षण आर्ट गाला रहा. इसमें विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता को रंगों और कलाकृतियों के जरिए खूबसूरती से प्रस्तुत किया. बच्चों के हाथों से तैयार चित्र, हस्तनिर्मित वस्तुएं और आकर्षक सजावटी सामान लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे. वहीं, विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित मॉडल और कार्यशील परियोजनाएं प्रस्तुत कीं. इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक समझ, प्रयोग करने की क्षमता और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा का परिचय दिया.
फूड फेट में स्वाद के साथ दिखी बच्चों की प्रबंधन क्षमता
कार्यक्रम में फूड फेट भी आकर्षण का केंद्र रहा. विभिन्न व्यंजनों से सजे स्टॉलों पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों की भीड़ जुटी. आकर्षक सजावट और स्वादिष्ट व्यंजनों के बीच पूरे परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा. इस आयोजन ने बच्चों को अपनी रचनात्मकता के साथ सामूहिक कार्य और प्रबंधन कौशल दिखाने का अवसर भी दिया.
इस मौके पर विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. रमेश सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आधुनिक सोच का विकास करना भी है. विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और अनुशासन के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाए.
वहीं, प्रिंसिपल साक्षी सिंह ने कहा कि विद्यालय में बच्चों के मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रयास जारी है. उन्होंने बताया कि विद्यालय में नए सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
विद्यालय फेट-2026 में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही. कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ कला, विज्ञान और व्यावहारिक गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास एवं प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.






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