प्रतियोगिता का सबसे चर्चित मुकाबला फाइनल रेस रहा. सेमीफाइनल के बाद चयनित घोड़ों के बीच फाइनल मुकाबला कराया गया, जिसमें घोड़ों को मैदान के छह चक्कर लगाने थे. इस दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला.

- हजारों दर्शकों की मौजूदगी में त्रिदिवसीय महोत्सव-2026 का भव्य आगाज, चार श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता
- पटना के बिटु यादव का घोड़ा राजधानी एक्सप्रेस रहा अव्वल, बक्सर एक्सप्रेस दूसरे और अजय सिंह का घोड़ा तीसरे स्थान पर रहा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : महावीर पूजा समिति ट्रस्ट, नियाजीपुर के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय महोत्सव-2026 का शनिवार को अंतरराज्यीय घोड़ा दौड़ शील्ड प्रतियोगिता के साथ भव्य शुभारंभ हुआ. प्रतियोगिता में दूर-दराज के क्षेत्रों से करीब 70 घोड़े अपने घुड़सवारों और मालिकों के साथ पहुंचे. हजारों दर्शकों की मौजूदगी में घोड़ों की रफ्तार और दमखम ने लोगों को रोमांचित किया. वीर हनुमान जी के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा.
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और हनुमान आराधना के साथ हुआ. मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद के सदस्य सोनू कुमार राय और महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. इसके बाद अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर घुड़दौड़ की शुरुआत कराई.
चार श्रेणियों में हुए रोमांचक मुकाबले
प्रतियोगिता में पट्ठा घोड़ा दौड़, नाकंद घोड़ा दौड़, दो दांत घोड़ा दौड़ और घोड़ी दौड़ की चार श्रेणियां निर्धारित की गई थीं. अलग-अलग श्रेणियों में मुकाबलों के बाद विजेताओं को शील्ड और कप देकर सम्मानित किया गया.
घोड़ी दौड़ में एकौना के हरेराम सिंह ने प्रथम, लालजी यादव ने द्वितीय और मुन्ना सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. नाकंद घोड़ा दौड़ में नारायणपुर के विकी सिंह प्रथम, केशोपुर के छोटू मिश्रा द्वितीय और पिंटू सिंह तृतीय स्थान पर रहे. दो दांत घोड़ा दौड़ में पुतुल चौबे ने प्रथम, मोतिहारी के फरहान खान ने द्वितीय और सोनकीसुहिया के मुन्ना पांडेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया.
राजधानी एक्सप्रेस ने मारी बाजी
प्रतियोगिता का सबसे चर्चित मुकाबला फाइनल रेस रहा. सेमीफाइनल के बाद चयनित घोड़ों के बीच फाइनल मुकाबला कराया गया, जिसमें घोड़ों को मैदान के छह चक्कर लगाने थे. इस दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला.
फाइनल में पटना के बिटु यादव का घोड़ा राजधानी एक्सप्रेस प्रथम स्थान पर रहा. योगीन्द्र ठाकुर का बक्सर एक्सप्रेस दूसरे और बक्सर के अजय सिंह का घोड़ा तीसरे स्थान पर रहा. विजेताओं को शील्ड और कप देकर सम्मानित किया गया.
निर्णायकों की निगरानी में हुआ विजेताओं का चयन
प्रतियोगिता को निष्पक्ष बनाने के लिए मैदान के प्रत्येक कोने पर दो-दो निर्णायकों की तैनाती की गई थी. निर्णायकों ने घोड़ों की चाल और निर्धारित नियमों के पालन पर नजर रखी. इरगा और सिंधी चाल सहित तय मानकों के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया. नियमों के विरुद्ध सरपट दौड़ने या फलांग लगाने वाले घोड़ों को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान था. निर्णायकों के निर्णयों का मिलान करने के बाद अंतिम परिणाम घोषित किए गए.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्था
कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज कुमार पाठक ने किया. मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष हृदयानंद पाठक, सचिव रविशंकर पाठक, डॉ. नवीन शंकर पाठक, अभय शंकर पाठक, लक्ष्मण ठाकुर, मनबोध पाठक, परशुराम पाठक, अवध पाठक, त्रिलोकी नाथ पाठक, सुरेन्द्र पाठक, डॉ. धनजी पाठक, शंभूनाथ पाठक, परमा साहनी, जगनारायण यादव, प्रेम शंकर पाठक, आर्यन शंकर पाठक, शंभू खरवार, मुकेश कुमार पाठक, सुभाष राय और रुदल राय सहित ट्रस्ट के सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
महोत्सव के पहले दिन की प्रतियोगिता ने नियाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल बना दिया. आयोजन के माध्यम से पारंपरिक घुड़दौड़ को बढ़ावा देने के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास किया गया.





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