इस कार्रवाई में भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी मिठाई और अन्य सामान बरामद किया गया. जांच के दौरान कारखाने के संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस भी नहीं मिला. इसके बाद प्रशासन ने कारखाने को सील कर दिया.
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- बंगला घाट के पास बिना लाइसेंस चल रहा था मिठाई बनाने का कारोबार, भारी मात्रा में संदिग्ध मिठाई जब्त
- स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, कहा- एक कारखाने पर कार्रवाई से नहीं चलेगा काम, पूरे शहर की दुकानों की हो नियमित जांच
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दीपावली, धनतेरस और छठ महापर्व से पहले लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. इसी कड़ी में गुरुवार को शहर के पीपी रोड स्थित बंगला घाट के पास एक मिठाई कारखाने में छापेमारी की गई. एसडीएम अविनाश कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी मिठाई और अन्य सामान बरामद किया गया. जांच के दौरान कारखाने के संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस भी नहीं मिला. इसके बाद प्रशासन ने कारखाने को सील कर दिया.
छापेमारी के दौरान एसडीएम अविनाश कुमार ने कारखाने की स्थिति और वहां तैयार की जा रही मिठाइयों का जायजा लिया. प्राथमिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई करते हुए कारखाने में मौजूद मिठाई और अन्य सामान जब्त कर लिया. प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटखोरी और बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया.
बिना लाइसेंस कारोबार पर होगी कानूनी कार्रवाई
एसडीएम अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री करना गंभीर मामला है. कारखाने के संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. शहर में जहां भी मिलावटखोरी या अवैध तरीके से खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री की सूचना मिलेगी, वहां प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा. उन्होंने आम लोगों से भी ऐसी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की.
लोगों ने कहा- एक जगह नहीं, पूरे शहर में हो जांच
इधर, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे नाकाफी बताया है. उनका कहना है कि बक्सर नगर में मिलावटखोरी केवल एक कारखाने तक सीमित नहीं है. इसलिए शहर की सभी मिठाई दुकानों और मिठाई बनाने वाले कारखानों की जांच होनी चाहिए. लोगों ने सवाल उठाया कि नियमित रूप से दुकानों पर मिठाई बनाने और बिक्री के निर्धारित मानकों की जांच क्यों नहीं होती? मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले खोवा, दूध, घी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि त्योहारों के नजदीक आते ही प्रशासन की ओर से छापेमारी की जाती है, लेकिन कई बार यह कार्रवाई महज खानापूर्ति बनकर रह जाती है. उन्होंने मांग की कि मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए नियमित और व्यापक जांच अभियान चलाया जाए. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और कारखाना संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो.







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