विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राइजिंग सन, कैम्ब्रिज सेंट जॉन सेकेंडरी स्कूल एवं उर्दू मध्य विद्यालय सहित कई स्कूलों में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई.

- बाल संरक्षण और कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी, पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों से भी कराया गया अवगत
- मुसीबत में फंसे बच्चे 1098 पर मांग सकते हैं मदद, विभिन्न स्कूलों में चला जागरूकता अभियान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बाल विवाह, नशाखोरी और बच्चों के साथ होने वाले शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाव के लिए शनिवार, 31 अक्टूबर को डुमरांव के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राइजिंग सन, कैम्ब्रिज सेंट जॉन सेकेंडरी स्कूल एवं उर्दू मध्य विद्यालय सहित कई स्कूलों में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई.
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल विवाह, नशाखोरी, जुआ और बाल शोषण के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया. रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन की कर्मी सोनी पांडेय एवं प्रकाश चौबे ने पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है. किसी भी तरह के शोषण, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार का सामना करने पर चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए.
उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी संकट, परेशानी या असुरक्षित स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर मदद ली जा सकती है. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कानूनी जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और बाल संरक्षण की दिशा में जागरूक एवं सशक्त करना था.





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