सबसे खास बात यह है कि कोयले से लदी मालगाड़ियों के लिए अलग रेल ओवर रेल (आरओआर) फ्लाईओवर तैयार होगा. इससे चौसा थर्मल पावर प्लांट तक कोयले की आपूर्ति के लिए मुख्य रेलखंड से अलग रास्ता उपलब्ध होगा.
- करीब 1000 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी, आरओआर फ्लाईओवर से बिना बाधा दौड़ेंगी यात्री ट्रेनें
- तीन प्लेटफॉर्म, दो फुट ओवरब्रिज और नया स्टेशन भवन बनेगा, चौसा स्टेशन का अप प्लेटफॉर्म भी 300 मीटर आगे होगा शिफ्ट
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा थर्मल पावर प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए अब रेलवे एक ऐसा नया नेटवर्क तैयार करने जा रहा है, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी और यात्री ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर नहीं पड़ेगा. बक्सर और चौसा के बीच स्थित पवनी-कमरपुर को छह लाइनों वाले पूर्ण क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है. करीब 1000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नया स्टेशन, विस्तारित रेलवे यार्ड, अतिरिक्त रेल लाइनें, तीन प्लेटफॉर्म और दो फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. सबसे खास बात यह है कि कोयले से लदी मालगाड़ियों के लिए अलग रेल ओवर रेल (आरओआर) फ्लाईओवर तैयार होगा. इससे चौसा थर्मल पावर प्लांट तक कोयले की आपूर्ति के लिए मुख्य रेलखंड से अलग रास्ता उपलब्ध होगा. परियोजना के इंजीनियरिंग नक्शे को दानापुर मंडल और एसजेवीएन थर्मल प्राइवेट लिमिटेड (एसटीपीएल) से तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है.
आईबीपी से बनेगा छह लाइनों वाला क्रॉसिंग स्टेशन, बदलेगी रेल परिचालन की तस्वीर
फिलहाल पवनी-कमरपुर में इंटरमीडिएट ब्लॉक पोस्ट (आईबीपी) संचालित है. इसे विकसित कर पूर्ण क्रॉसिंग स्टेशन बनाया जाएगा. यह बक्सर-डीडीयू रेलखंड के किलोमीटर संख्या 667.350 पर स्थित है. बक्सर स्टेशन से इसकी दूरी 6.07 किलोमीटर और चौसा स्टेशन से 4.79 किलोमीटर है.
योजना के मुताबिक यहां छह लाइनों वाला विस्तारित रेलवे यार्ड बनाया जाएगा. इसमें अप और डाउन मुख्य रेल लाइन के साथ कॉमन लूप लाइन, डाउन लूप लाइन, 120 मीटर की ओवररन लाइनें, 200 मीटर की मशीन साइडिंग और 300 मीटर की इंजीनियरिंग साइडिंग शामिल होंगी. इससे मालगाड़ियों के परिचालन के साथ रेलवे के तकनीकी और रखरखाव संबंधी कार्यों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी.
कोयले की मालगाड़ियों के लिए बनेगा अलग फ्लाईओवर, यात्री ट्रेनों को मिलेगी राहत
इस पूरी परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रेल ओवर रेल (आरओआर) फ्लाईओवर होगी. चौसा थर्मल पावर प्लांट को नियमित रूप से कोयला पहुंचाने के लिए लंबी मालगाड़ियों का परिचालन किया जाना है. ऐसे में मालगाड़ियों को मुख्य रेल लाइनों से अलग रखने की व्यवस्था की जा रही है.
आरओआर फ्लाईओवर बनने से कोयले से लदी मालगाड़ियों को थर्मल पावर प्लांट तक पहुंचाने के लिए अलग रेल मार्ग मिलेगा. इससे व्यस्त बक्सर-डीडीयू रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के परिचालन में होने वाली संभावित बाधा कम होगी. मालगाड़ियों के कारण यात्री ट्रेनों को बार-बार रोकने की जरूरत भी कम पड़ सकती है.
चौसा स्टेशन पर भी होगा बड़ा बदलाव, 300 मीटर आगे जाएगा अप प्लेटफॉर्म
परियोजना का असर केवल पवनी-कमरपुर स्टेशन तक सीमित नहीं रहेगा. चौसा स्टेशन के अप साइड प्लेटफॉर्म को भी करीब 300 मीटर आगे शिफ्ट किया जाएगा. नई रेल लाइनों और विस्तारित रेलवे यार्ड की संरचना के अनुरूप यह बदलाव किया जाएगा. इससे चौसा स्टेशन का मौजूदा ढांचा भी प्रस्तावित रेल व्यवस्था के अनुसार विकसित होगा.
600 मीटर के प्लेटफॉर्म और आधुनिक स्टेशन भवन का होगा निर्माण
पवनी-कमरपुर में यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 40 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा नया स्टेशन भवन बनाया जाएगा. यहां तीन प्लेटफॉर्म होंगे. प्लेटफॉर्म संख्या एक की लंबाई 600 मीटर और चौड़ाई 11 मीटर होगी. वहीं प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन की लंबाई 590-590 मीटर तथा चौड़ाई 11-11 मीटर निर्धारित की गई है.
यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए दो फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. इनके साथ रैंप की सुविधा भी उपलब्ध होगी. स्टेशन परिसर में सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया जाएगा. स्टेशन तक पहुंचने के लिए 7.5 मीटर और 5 मीटर चौड़ी पहुंच सड़कें भी बनाई जाएंगी.
रेलवे फाटक पर अंडरपास, ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षित आवाजाही
रेलवे की इस योजना में आसपास के ग्रामीणों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है. किलोमीटर संख्या 667/7-9 पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 74 के पास आरसीसी बॉक्स तकनीक से लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) यानी अंडरपास बनाया जाएगा. इससे लोगों को रेलवे लाइन पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता मिलेगा. इसके अलावा रेलवे फाटक संख्या 76 और 77 पर भी रेलवे ओवरब्रिज अथवा अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है.
एक दर्जन से अधिक पुराने पुलों का होगा विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी गति
नई रेल लाइनों और विस्तारित यार्ड के निर्माण के लिए बक्सर-पवनी-कमरपुर और पवनी-कमरपुर-चौसा के बीच स्थित एक दर्जन से अधिक पुराने पुलों को भी मजबूत और विस्तारित किया जाएगा. पुल संख्या 352 से 357 तक के पुराने मेहराबदार और स्लैब पुलों को आरसीसी बॉक्स तकनीक से सुदृढ़ करने की योजना है.
नई रेल लाइनों के निर्माण में 60 किलोग्राम की रेल, पीएससी स्लीपर और 350 मिलीमीटर बैलास्ट कुशन का प्रावधान किया गया है. इससे रेल ढांचे को नई परिचालन व्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जाएगा.
एसटीपीएल उठाएगी परियोजना का पूरा खर्च, भविष्य में ट्रेनों के ठहराव की भी उम्मीद
करीब 1000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का खर्च और भूमि अधिग्रहण एसजेवीएन थर्मल प्राइवेट लिमिटेड (एसटीपीएल) द्वारा वहन किया जाएगा. परियोजना पूरी होने के बाद चौसा थर्मल पावर प्लांट तक कोयले की आपूर्ति अधिक सुगम हो सकेगी. इसके साथ ही बक्सर-चौसा रेलखंड की परिचालन क्षमता में भी वृद्धि होगी.
कहते हैं अधिकारी :
पवनी-कमरपुर में पूर्ण क्रॉसिंग स्टेशन और विस्तारित रेलवे यार्ड बनने से भविष्य में यहां पैसेंजर, ईएमयू और मेमू ट्रेनों के ठहराव की संभावनाएं भी बन सकती हैं. हालांकि, इसके लिए रेलवे के स्तर पर अलग से निर्णय लिया जाना होगा.
सरस्वती चन्द्र,
मुख्य जनसमपर्क अधिकारी,
पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर






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