ट्रैफिक थाने के गेट पर ही जाम का पहरा! शहर को जाम से मुक्ति दिलाने वाले थाने के सामने रोज लगता है जाम ..

स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब ट्रैफिक थाना अपने ही गेट के सामने लगने वाले जाम को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है, तो शहर के दूसरे व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था कैसे संभाली जा रही होगी?


 





               





  • दिवाली और छठ की खरीदारी के लिए निकले लोगों को हो रही परेशानी, एक ही परिसर में पांच थाने होने के बावजूद नहीं सुधर रही व्यवस्था
  • गोला रोड, पोस्ट ऑफिस, बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय जाने वालों को भी जाम से जूझना पड़ रहा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की जिम्मेदारी जिस ट्रैफिक थाना पर है, उसी के मुख्य गेट के सामने रोजाना लगने वाला जाम अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. शहर के बीचोंबीच पुराने थाना के पास स्थित ट्रैफिक थाना परिसर के आसपास दिनभर वाहनों की आवाजाही और भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है. खासकर दिवाली और छठ पर्व को लेकर खरीदारी करने बाजार निकल रहे लोगों को इस रास्ते से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

हैरानी की बात यह है कि जिस परिसर में ट्रैफिक थाना, ट्रैफिक डीएसपी कार्यालय, हरिजन थाना, साइबर थाना और महिला थाना संचालित हैं, वहां के गेट पर ही यातायात व्यवस्था बेपटरी नजर आती है. एक ही परिसर में यातायात व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रही है. स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब ट्रैफिक थाना अपने ही गेट के सामने लगने वाले जाम को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है, तो शहर के दूसरे व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था कैसे संभाली जा रही होगी?

दरअसल, ट्रैफिक थाना के आसपास शहर के कई महत्वपूर्ण बाजार और सरकारी कार्यालय स्थित हैं. गोला रोड, मुख्य डाकघर, विभिन्न बैंक, रजिस्ट्री कार्यालय और पुलिस अधीक्षक का कार्यालय इसी इलाके में है. इन जगहों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. ऐसे में ट्रैफिक थाना के पास लगने वाला जाम केवल बाजार आने-जाने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में जरूरी काम से पहुंचने वाले लोगों के लिए भी परेशानी पैदा कर रहा है.

त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ इस समस्या ने और गंभीर रूप ले लिया है. खरीदारी के लिए निकलने वाले परिवारों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को इस रास्ते से गुजरने में अतिरिक्त समय गंवाना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में यहां यातायात को नियंत्रित करने के लिए नियमित पुलिसकर्मियों की तैनाती और वाहनों के व्यवस्थित परिचालन की जरूरत है.

अब सवाल यह है कि शहर की यातायात व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार अधिकारी अपने ही कार्यालय के सामने लगने वाले जाम से लोगों को कब राहत दिलाएंगे? त्योहारों के मद्देनजर इस इलाके में विशेष यातायात व्यवस्था और नियमित निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है.











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