कहा कि वह कोई भगवान नहीं हैं और न ही किसी की जिंदगी बचाने की गारंटी दे सकते हैं, लेकिन जब तक उनके हाथ-पैर साथ देंगे, सड़क पर किसी घायल को लावारिस छोड़कर आगे नहीं बढ़ेंगे.

- सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता कृष्णा शर्मा की युवाओं और वाहन चालकों से भावुक अपील, कहा- कुछ मिनटों की मस्ती किसी मां की गोद सूनी और किसी बच्चे को पिता के साये से महरूम कर सकती है
- नवरात्रि की नवमी पर खुद नौ दिनों के व्रत में थे कृष्णा, फिर भी हादसे में घायल तीन लोगों को पहुंचाया अस्पताल, गंभीर घायल का पटना में चल रहा इलाज
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सड़क पर तेज रफ्तार और स्टंटबाजी दिखाने से पहले एक बार घर पर इंतजार कर रहे अपने परिवार का चेहरा जरूर याद कीजिए. आपकी कुछ मिनटों की मस्ती किसी मां की गोद सूनी कर सकती है, किसी पत्नी का सुहाग उजाड़ सकती है और किसी बच्चे से उसके पिता का साया छीन सकती है. यह भावुक अपील सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता कृष्णा शर्मा ने युवाओं और वाहन चालकों से की है. उनका कहना है कि सड़क पर लापरवाही सिर्फ वाहन चलाने वाले की जिंदगी को खतरे में नहीं डालती, बल्कि सड़क से गुजर रहे दूसरे लोगों और उनके परिवारों के जीवन को भी प्रभावित करती है.
कृष्णा शर्मा की यह अपील केवल शब्दों तक सीमित नहीं है. 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि की नवमी की रात वह अपने साथियों के साथ शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक सड़क सुरक्षा के उद्देश्य से सक्रिय थे. इसी दौरान टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क दुर्घटना की सूचना मिली. टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां तीन लोग घायल अवस्था में पड़े थे. सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को घर भेज दिया गया, जबकि एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट लगी थी. उन्हें सदर अस्पताल बक्सर से वाराणसी रेफर किया गया. वहां भी बेहतर इलाज की जरूरत को देखते हुए पटना भेजा गया. फिलहाल उनका इलाज जारी है.
नौ दिनों के व्रत में भी नहीं भूले इंसानियत का धर्म
इस पूरी घटना के दौरान कृष्णा शर्मा खुद भी नौ दिनों के कठिन व्रत पर थे. शरीर में थकान थी, लेकिन घायलों को देखकर उन्होंने अपनी तकलीफ की परवाह नहीं की. उनका कहना है कि उस समय मन में सिर्फ एक ही संकल्प था कि किसी तरह घायलों की जान बचाई जाए.
उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचाने के बाद मन में बार-बार यही सवाल उठ रहा था कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो क्या होता? क्या किसी परिवार का अपना हमेशा के लिए उनसे बिछड़ जाता? उनके मुताबिक, किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने की कोशिश करना उनके लिए व्रत से भी बड़ा धर्म निभाने जैसा अनुभव था.
पद और प्रसिद्धि नहीं, घायलों की मदद है अभियान का उद्देश्य
कृष्णा शर्मा 'रक्षक – द रोड सेफ्टी मिशन' के माध्यम से सड़क सुरक्षा के लिए सक्रिय हैं. उनका कहना है कि यह अभियान किसी पद, पहचान या प्रसिद्धि के लिए नहीं है. उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी इंसान को समय पर मदद मिल सके और किसी परिवार का चिराग बुझने से बच जाए.
उन्होंने कहा कि वह कोई भगवान नहीं हैं और न ही किसी की जिंदगी बचाने की गारंटी दे सकते हैं, लेकिन जब तक उनके हाथ-पैर साथ देंगे, सड़क पर किसी घायल को लावारिस छोड़कर आगे नहीं बढ़ेंगे. उनके लिए सबसे बड़ी पूजा किसी की जान बचाना और सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है.






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