न्यायिक सेवा में चयनित होकर विभिन्न पदों पर पदस्थापित रहे. वे 31 जनवरी 2006 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत्ति के उपरांत भी वे सामाजिक और विधिक जगत से निरंतर जुड़े रहे.

- पटना के आईजीआईएमएस में 80 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस; सम्मान में मंगलवार को न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे अधिवक्ता
- वकालत से शुरू कर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तक का तय किया था सफर, शोक में डूबा बक्सर व्यवहार न्यायालय
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : व्यवहार न्यायालय के सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रघुवर शरण पांडेय का रविवार, 1 नवंबर 2026 को निधन हो गया. 80 वर्षीय पूर्व न्यायाधीश ने पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. उनके निधन की सूचना मिलते ही न्यायिक जगत और बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में शोक का माहौल व्याप्त हो गया.
अधिवक्ता संघ के महासचिव विंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रघुवर शरण पांडेय का विधिक और न्यायिक क्षेत्र में बेहद सराहनीय व लंबा योगदान रहा है. उनके सम्मान में मंगलवार को बक्सर व्यवहार न्यायालय में न्यायिक कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा और अधिवक्ता न्यायिक कामकाज से दूर रहेंगे.
वकालत से की थी करियर की शुरुआत
रघुवर शरण पांडेय का जन्म 15 जनवरी 1946 को बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चौसा निवासी पंडित किशोरी नाथ पांडेय के घर हुआ था. उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत वर्ष 1969 में बक्सर व्यवहार न्यायालय से एक अधिवक्ता (ई-नंबर 765/1969) के रूप में की थी. वर्ष 1975 तक उन्होंने यहां वकालत की और इसके बाद वे न्यायिक सेवा में चयनित होकर विभिन्न पदों पर पदस्थापित रहे. वे 31 जनवरी 2006 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत्ति के उपरांत भी वे सामाजिक और विधिक जगत से निरंतर जुड़े रहे.
गांव और परिवार में शोक
स्वर्गीय पांडेय अपने पीछे धर्मपत्नी भगवती देवी, अधिवक्ता पुत्र प्रकाश पांडेय और चार विवाहित पुत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके देहावसान पर स्थानीय निवासी अधिवक्ता डॉ मनोज यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, अधिवक्ता ई. नितेश उपाध्याय न्यायिक पदाधिकारियों एवं शुभचिंतकों ने गहरी संवेदना प्रकट की है.






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