घर में चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री! पुलिस ने छापेमारी कर दो को दबोचा, हथियारों का जखीरा बरामद ..

मौके से तैयार देसी कट्टे, एकनाली बंदूक, अर्धनिर्मित हथियार, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कारोबार कब से चल रहा था और तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जा रहे थे.




                           



  • बक्सर के वासुदेवा बिंद टोली में बन रहे थे देसी हथियार, कट्टा-बंदूक से लेकर कारतूस और निर्माण के उपकरण तक मिले
  • एसपी को मिली सूचना के बाद विशेष टीम ने की कार्रवाई, अब हथियारों के खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क का पता लगा रही पुलिस

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : घर के अंदर हथियार बनाने और उनकी खरीद-बिक्री का कथित कारोबार चल रहा था. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने छापेमारी कर कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है. वासुदेवा थाना क्षेत्र के बिंद टोली में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया. मौके से तैयार देसी कट्टे, एकनाली बंदूक, अर्धनिर्मित हथियार, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कारोबार कब से चल रहा था और तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जा रहे थे.

एसपी को मिली सूचना, घर की घेराबंदी कर छापेमारी

डुमरांव एसडीपीओ भास्कर रंजन ने प्रेसवार्ता में बताया कि एसपी शुभम आर्य को सूचना मिली थी कि वासुदेवा बिंद टोली निवासी बिगन बिंद अपने घर में अवैध हथियारों का निर्माण कर रहा है. सूचना के सत्यापन के बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया. टीम ने चिह्नित ठिकाने की घेराबंदी कर छापेमारी की और बिगन बिंद के साथ उसके कथित सहयोगी संतोष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. संतोष शर्मा नावानगर थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है.

कट्टा-बंदूक के साथ हथियार बनाने के औजार भी बरामद

पुलिस की तलाशी में दो देसी कट्टे, एक एकनाली बंदूक और एक अर्धनिर्मित देसी कट्टा मिला. इसके अलावा छह जिंदा कारतूस, एक खोखा और दो अर्धनिर्मित बैरल बरामद किए गए. मौके से 22 ग्राम गांजा मिलने की भी जानकारी दी गई है.

हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामानों में हवा देने वाली भट्ठी, पुरानी ग्राइंडर मशीन, ड्रिल मशीन, रीमर, छेनी, सुम्मा, हथौड़ी, निहाई, लोहे के पाइप, स्प्रिंग, रेती और प्लास समेत कई उपकरण शामिल हैं. इन सामानों की बरामदगी के बाद पुलिस मौके पर हथियार निर्माण की गतिविधियां संचालित होने के मामले की जांच कर रही है.

खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क की तलाश

छापेमारी दल में डुमरांव अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार, डीआईयू प्रभारी सुधीर कुमार, वासुदेवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. मामले में वासुदेवा थाना में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है. जांच का मुख्य फोकस हथियारों के संभावित खरीदारों, उनकी आपूर्ति के रास्तों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाना है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में किया जाना था या नहीं.













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