सामने आया कि आरोपी ने बैंक अधिकारियों के कथित जाली हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कार्यालय कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नाम से भी कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे.

- बैंक अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर और मोहर का भी किया गया इस्तेमाल, छत्तीसगढ़ के सरकारी विभाग के नाम पर तैयार किए गए थे कूटरचित दस्तावेज
- ग्रामीण बैंक की जांच में सामने आई जालसाजी, शाखा प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से लाखों रुपये का लोन लेने के मामले में इटाढ़ी पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी की पहचान इटाढ़ी थाना क्षेत्र के इंदौर गांव निवासी रवि प्रकाश मौर्य, पिता हरि प्रसाद सिंह के रूप में हुई है. उस पर कूटरचित एफडीआर और सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से करीब 18 लाख रुपये का लोन लेने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, यह मामला 16 सितंबर 2023 का है. आरोप है कि रवि प्रकाश मौर्य ने बक्सर स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा में 20 लाख 76 हजार रुपये की एफडीआर प्रस्तुत कर डिमांड लोन प्राप्त किया था. दस्तावेजों के आधार पर बैंक की ओर से 18 लाख रुपये के लोन का मामला सामने आया. वहीं, जांच के दौरान एफडीआर संख्या 6949310381 में गड़बड़ी की जानकारी मिली. इसके बाद बैंक ने पूरे मामले की जांच कराई.
जाली हस्ताक्षर और सरकारी विभाग की मोहर का इस्तेमाल
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने बैंक अधिकारियों के कथित जाली हस्ताक्षर और मोहर का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कार्यालय कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नाम से भी कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे. पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों का उपयोग बैंक और सरकारी विभाग दोनों को धोखे में रखने के लिए किया गया.
मामले में बक्सर ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक रोहित दयाल की शिकायत पर इटाढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी रवि प्रकाश मौर्य को गिरफ्तार किया. मेडिकल जांच कराने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.






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