आरोपी के बारे में सही सूचना देने वाले व्यक्ति को यह इनाम दिया जाएगा. उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है. उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
- चंद्रमोहन सिंह उर्फ क्रांति सिंह की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित, पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू
- पिता पर चार सैन्य अधिकारियों की हत्या का आरोप, 16 साल जेल में रहने की भी चर्चा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मधुबनी के बलिराजगढ़ गोलीकांड के बाद फरार चल रहे एएसआई चंद्रमोहन सिंह उर्फ क्रांति सिंह की तलाश अब बक्सर तक पहुंच गई है. आरोपी का संबंध बक्सर जिले के चिलहरी गांव से बताया जा रहा है. वहीं, डुमरांव रेलवे स्टेशन के पास भी उसका एक मकान होने की जानकारी सामने आई है. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पुलिस ने इस मकान पर छापेमारी भी की. हालांकि, छापेमारी के दौरान आरोपी के वहां मिलने की पुष्टि नहीं हुई है.
इस बीच मधुबनी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. मधुबनी एसएसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, आरोपी के बारे में सही सूचना देने वाले व्यक्ति को यह इनाम दिया जाएगा. उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है. उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
पिता पर भी गंभीर आरोप, 16 साल जेल में रहने की चर्चा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, चंद्रमोहन सिंह उर्फ क्रांति सिंह के पिता का नाम स्वर्गीय मांडू राय था. बताया जाता है कि वे सेना में कार्यरत थे और उन पर चार सैन्य अधिकारियों की हत्या का आरोप लगा था. इस मामले में करीब 16 साल तक जेल में रहने की बात भी सामने आ रही है. हालांकि, पिता से जुड़े इस पुराने मामले की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पहले भी विवादित पुलिस कार्रवाई में आया था नाम
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चंद्रमोहन सिंह इससे पहले मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम में तैनात था. 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करी के संदेह में बाइक सवार युवकों का पीछा करने के दौरान पिरोखर के पास पुलिस वाहन और बाइक में टक्कर हो गई थी. हादसे में एक नाबालिग की मौत हो गई थी. इस मामले में मृतक के पिता ने एएसआई और वाहन चालक के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. तत्कालीन विवाद के बाद दोनों को निलंबित भी किया गया था.
क्या है बलिराजगढ़ गोलीकांड
दरअसल, मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में सोमवार देर रात पुलिस पिकेट पर तैनात एएसआई चंद्रमोहन सिंह पर एक घर में घुसकर फायरिंग करने का आरोप लगा है. गोलीबारी में 50 वर्षीय अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि विजेंद्र यादव, धनिकलाल यादव और फूलो देवी घायल हो गए. अशोक यादव बेंगलुरु में पान की दुकान चलाते थे और उनकी बेटी की शादी 14 दिसंबर को तय थी.
घटना के बाद आरोपी सरकारी सर्विस पिस्टल लेकर फरार हो गया. ग्रामीणों ने मंगलवार को शव रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. आरोपी के नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.







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