बिहार भाजपा के 'पितृपुरुष' कैलाशपति मिश्र को मरणोपरांत मिले पद्म सम्मान, बक्सर में बने भव्य तोरण द्वार और स्मारक: स्मृति परिषद ने उठाई बुलंद आवाज ..

परिषद ने दोनों शीर्ष नेताओं से आग्रह किया है कि वे इन महत्वपूर्ण मांगों को प्रधानमंत्री और बिहार सरकार के संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखकर शीघ्र स्वीकृति दिलाएं, ताकि श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र के ऐतिहासिक और अतुलनीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके.






               





केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा गया मांग पत्र

पटना-बक्सर फोरलेन स्थित पैतृक मार्ग के नामकरण और राजकीय पुरस्कार शुरू करने की पुरजोर पैरवी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत नींव रखने वाले 'पितृपुरुष' श्रद्धेय स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से अलंकृत करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. कैलाशपति मिश्रा स्मृति परिषद (रजि.), बक्सर ने केंद्र और राज्य सरकार से उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री या पद्मविभूषण प्रदान करने तथा उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए भव्य स्मारक और तोरण द्वार बनवाने की जोरदार मांग की है.

स्मृति परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय और संस्थापक सचिव कन्हैया दुबे ने इस संबंध में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय एवं बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को औपचारिक मांग पत्र भेजा है. परिषद ने दोनों शीर्ष नेताओं से आग्रह किया है कि वे इन महत्वपूर्ण मांगों को प्रधानमंत्री और बिहार सरकार के संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखकर शीघ्र स्वीकृति दिलाएं, ताकि श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र के ऐतिहासिक और अतुलनीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके.

मांग पत्र में उठाई गई प्रमुख मांगें:

  • राष्ट्र और समाज सेवा में आजीवन समर्पित रहे स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र जी को मरणोपरांत पद्मश्री अथवा पद्मविभूषण से अलंकृत किया जाए.
  • बक्सर-पटना फोरलेन से उनके पैतृक गांव दुधारचक जाने वाले मार्ग (पडरी मोड़) का नामकरण उनके नाम पर किया जाए.
  • पडरी मोड़ पर उनके नाम से एक भव्य तोरण द्वार का निर्माण कराया जाए.
  • उनकी स्मृति को अमर बनाने के लिए बिहार में उनके नाम पर एक प्रतिष्ठित राजकीय सम्मान अथवा पुरस्कार की स्थापना की जाए.
  • बक्सर जिले में उनके नाम पर स्मृति स्थल के साथ-साथ उनके जन्म स्थान पर एक भव्य स्मारक का निर्माण हो.

परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि कैलाशपति मिश्र जी का व्यक्तित्व और कृतित्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, ऐसे में उनकी जन्मभूमि बक्सर में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाना ही उनके प्रति सच्ची कृतज्ञता होगी. 

उधर अमरेंद्र पांडेय की मांगों पर नित्यानंद राय ने सकारात्मक पहल करते हुए मंच से ही यह कहा कि वह अपने खर्चे से स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की आदमकद प्रतिमा उनके गांव पर लगाएंगे साथी उन्होंने पद्मश्री और पद्म विभूषण से अलंकरण हेतु भी प्रयास करने की बात कही.











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