वीडियो : नर्सरी के नन्हे बच्चों ने किया विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन, 250 मॉडलों में दिखी भविष्य की तकनीक; बैंकिंग से रोबोटिक्स तक दिखी प्रतिभा ..

250 मॉडल और परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनी का सबसे खास आकर्षण यह रहा कि इसका उद्घाटन किसी बड़े अतिथि ने नहीं, बल्कि नर्सरी के नन्हे विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर किया.






               





  • फाउंडेशन स्कूल में ‘TECHNICON 14.O 2026’ का भव्य आयोजन, कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार के मॉडल किए प्रस्तुत
  • अभिभावकों के साथ पहुंचे नर्सरी के बच्चों ने किया उद्घाटन, लाइव प्रयोगों के जरिए विद्यार्थियों ने समझाए वैज्ञानिक सिद्धांत
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : विज्ञान की दुनिया में उम्र नहीं, जिज्ञासा मायने रखती है. इसी सोच को जीवंत करते हुए फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में बुधवार को भव्य विज्ञान प्रदर्शनी ‘TECHNICON 14.O 2026’ का आयोजन किया गया. इसमें कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों ने करीब 250 मॉडल और परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनी का सबसे खास आकर्षण यह रहा कि इसका उद्घाटन किसी बड़े अतिथि ने नहीं, बल्कि नर्सरी के नन्हे विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर किया.


नन्हे बच्चों के हाथों हुआ अनूठा उद्घाटन

प्रदर्शनी की शुरुआत ने सभी का ध्यान खींचा. नर्सरी के छोटे-छोटे बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अनूठी पहल ने यह संदेश दिया कि सीखने, सवाल पूछने और नई चीजों की खोज करने की कोई उम्र नहीं होती. बच्चों के इस अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया.


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा, विशिष्ट अतिथि अनादि किशोर प्रणामी तथा जीडी मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज के प्रधानाचार्य जे.आर. चौधरी उपस्थित रहे.

रोबोटिक्स से स्मार्ट सिटी तक दिखी कल्पनाशीलता

प्रदर्शनी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष विज्ञान, स्मार्ट सिटी और आधुनिक तकनीक पर आधारित आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए गए. विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स से लेकर दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग तक कई विषयों को अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से समझाया.


इस बार प्रदर्शनी में वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. उन्होंने बैंकिंग, कॉमर्स, फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंपनियों की कार्यप्रणाली पर आधारित मॉडल तैयार किए. इससे प्रदर्शनी का दायरा केवल विज्ञान और तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों की व्यावहारिक जानकारी देने का मंच भी बना.

सिर्फ मॉडल नहीं, लाइव प्रयोगों से समझाए सिद्धांत

प्रदर्शनी की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने अपने मॉडल प्रदर्शित करने के साथ उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों, उद्देश्य और कार्यप्रणाली की भी जानकारी दी. कई बच्चों ने लाइव प्रयोग करके दिखाए और बताया कि उनके मॉडल वास्तविक जीवन में किस तरह उपयोगी हो सकते हैं. इससे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, संवाद कौशल और प्रस्तुतीकरण प्रतिभा की झलक देखने को मिली.


निदेशक और प्राचार्य ने बच्चों से पूछे सवाल

विद्यालय के निदेशक प्रदीप कुमार मिश्रा ने विभिन्न मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट के बारे में सवाल पूछे और उनकी वैज्ञानिक समझ को परखा. उन्होंने बच्चों की मेहनत, रचनात्मकता और नए विचारों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया. विशिष्ट अतिथि अनादि किशोर प्रणामी ने भी विद्यार्थियों को लगातार नई चीजें सीखने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया.


विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने भी विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट और उनके व्यावहारिक उपयोग को लेकर संवाद किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा से जोड़ती हैं. इससे किताबों में पढ़ी गई जानकारी को वास्तविक जीवन में समझने का अवसर मिलता है. उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की.


बच्चों की प्रतिभा देख अभिभावक भी हुए उत्साहित

प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में अभिभावक भी पहुंचे. उन्होंने बच्चों के बनाए मॉडलों का अवलोकन किया और उनके प्रयोगों को देखकर प्रसन्नता जताई. अभिभावकों के लिए यह अपने बच्चों की मेहनत, विषय की समझ, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को करीब से देखने का विशेष अवसर रहा.

कुल मिलाकर ‘TECHNICON 14.O 2026’ विद्यार्थियों के लिए अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने, टीम भावना से काम करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रभावशाली मंच साबित हुई. करीब 250 मॉडलों के जरिए बच्चों ने यह दिखाया कि आने वाले समय की नई तकनीक और नवाचार की नींव आज की जिज्ञासु पीढ़ी के हाथों में है.
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