मिट्टी के दीयों में बच्चों ने उकेरी कल्पनाएं, शहीदों के सम्मान में जलाएंगे रोशनी ..

हेरिटेज स्कूल की चरित्र वन एवं अर्जुनपुर शाखाओं में 3 और 4 नवंबर को दीया निर्माण एवं रंग-सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें कक्षा 5 से 9 तक के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता से साधारण मिट्टी के दीयों को आकर्षक कलाकृतियों में बदल दिया.





               





  • हेरिटेज स्कूल की दोनों शाखाओं में दीया निर्माण एवं रंग-सज्जा प्रतियोगिता आयोजित, ‘एक दीया शहीदों के नाम’ अभियान से जुड़े विद्यार्थी
  • कक्षा 5 से 9 तक के बच्चों ने दिखाई कलात्मक प्रतिभा, विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दीपावली पर मिट्टी के दीयों को सजाने की परंपरा को बच्चों ने कला, संस्कृति और देशभक्ति से जोड़कर खास बना दिया. हेरिटेज स्कूल की चरित्र वन एवं अर्जुनपुर शाखाओं में 3 और 4 नवंबर को दीया निर्माण एवं रंग-सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें कक्षा 5 से 9 तक के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता से साधारण मिट्टी के दीयों को आकर्षक कलाकृतियों में बदल दिया.


रंगों और डिजाइनों से दीयों को दिया नया रूप

प्रतियोगिता में बच्चों ने मिट्टी के दीयों को अलग-अलग रंगों, आकर्षक डिजाइनों और मनमोहक आकृतियों से सजाया. उनकी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल ने सभी का ध्यान खींचा. विद्यालय की फाइन आर्ट विशेषज्ञों की टीम ने कलाकृतियों का बारीकी से मूल्यांकन किया. प्रत्येक कक्षा से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया.

विद्यालय के निदेशक डॉ. प्रदीप पाठक ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर असीम रचनात्मक क्षमता होती है. जरूरत है तो बस उसे उचित मंच और प्रोत्साहन देने की. वहीं, प्रेसिडेंट प्रेम पाठक और प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में रचनात्मकता के साथ आत्मविश्वास, सहयोग और भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव भी बढ़ाती हैं.


दीयों के जरिए शहीदों को देंगे श्रद्धांजलि

इस आयोजन का सबसे खास पहलू ‘एक दीया शहीदों के नाम’ अभियान रहा. प्रतियोगिता में बच्चों ने जो दीये अपने हाथों से तैयार किए, उन्हें कक्षा 10 के अपने वरिष्ठ साथियों को सौंपा. इन दीयों के माध्यम से विद्यार्थी देश के वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करेंगे.


इस पहल का उद्देश्य बच्चों को यह समझाना था कि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के त्याग और बलिदान की बदौलत ही देशवासी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना पाते हैं. दीपावली की खुशियों को शहीदों की स्मृति से जोड़कर विद्यार्थियों में देशप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया.

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ शिक्षक बिद्युत नस्कर एवं विकासलता कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही. विद्यालय की इस पहल ने बच्चों की कला, भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रभक्ति को एक साथ जोड़ते हुए दीपावली के उत्सव को यादगार बना दिया.










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