युवा शिक्षक अभिषेक कुमार के निधन पर उमड़ा शोक, सामाजिक लोगों ने दी श्रद्धांजलि ..

सरकारी ड्यूटी के दौरान सगरा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हादसे में उनके मस्तिष्क में गंभीर चोटें आई थीं. इसके बाद 24 मार्च से 19 अप्रैल 2026 तक वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चला.






               





  • सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद आठ महीने तक जिंदगी के लिए करते रहे संघर्ष, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुआ निधन
  • पूर्व युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अशुतोष त्रिपाठी के छोटे भाई थे अभिषेक, परिवार ने बेहतर इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किया

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : युवाओं शिक्षक अभिषेक कुमार के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. उनके निधन पर बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष अशुतोष त्रिपाठी, राजू श्रीवास्तव, मोहन प्रसाद समेत कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. लोगों ने अभिषेक के निधन को परिवार, शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया. शोक व्यक्त करने वालों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की.

अभिषेक कुमार बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष अशुतोष त्रिपाठी के छोटे भाई थे. उनके निधन पर अशुतोष त्रिपाठी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अभिषेक को बचाने के लिए परिवार ने हरसंभव प्रयास किया. बेहतर इलाज की उम्मीद में परिवार ने अपनी आर्थिक क्षमता से बढ़कर लंबे समय तक संघर्ष किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से हुए थे घायल

अभिषेक कुमार बक्सर जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत रामपुर तिवारी गांव स्थित विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. सरकारी ड्यूटी के दौरान सगरा विद्यालय के समीप सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हादसे में उनके मस्तिष्क में गंभीर चोटें आई थीं. इसके बाद 24 मार्च से 19 अप्रैल 2026 तक वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चला.

मेदांता में आठ महीने तक चला इलाज

बेहतर उपचार की उम्मीद में 20 अप्रैल 2026 को उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता द मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां न्यूरोसर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. सुधीर दुबे के निर्देशन में 25 जून तक उनका उपचार चला. इस दौरान उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें होम केयर में रखा गया. घर पर भी स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल रहे थे.

इसके बाद 27 सितंबर को उन्हें दोबारा मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया. तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद 30 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:10 बजे उनका निधन हो गया. अंतिम समय में उनका ब्लड प्रेशर लगातार गिरता चला गया और चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके.

एक युवा शिक्षक के असमय निधन से परिवार, मित्रों और शिक्षा जगत में गहरा दुख है. लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की.










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